पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने प्राइमरी कैडर के 72 अध्यापकों के तीसरे बैच को फिनलैंड की प्रसिद्ध टुरकू यूनिवर्सिटी में 15 दिन के प्रशिक्षण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस बैच में ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर (BPEO), सेंटर हेड टीचर (CHT), हेड टीचर (HT) और ETT अध्यापक शामिल हैं।
फिनलैंड की विश्व-स्तरीय शिक्षण प्रणाली से सीखने का अवसर
फिनलैंड को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्रणालियों में से एक माना जाता है। वहाँ का शिक्षण मॉडल विद्यार्थियों को रचनात्मक, आत्मविश्वासी और व्यवहारिक ज्ञान देने पर केंद्रित है। पंजाब सरकार चाहती है कि यहाँ के अध्यापक भी उन्हीं उन्नत तकनीकों को सीखकर वापस आएँ और अपने स्कूलों में लागू करें। यह यात्रा शिक्षण-प्रयोग, गतिविधि-आधारित सीखने, सहयोगात्मक कक्षाओं और विद्यार्थी-केन्द्रित शिक्षा को समझने में बेहद महत्त्वपूर्ण होगी।
अब तक 216 अध्यापक फिनलैंड प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा
श्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस बैच के रवाना होने के बाद फिनलैंड में प्रशिक्षण लेने वाले पंजाब के अध्यापकों की संख्या 216 हो जाएगी। यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की शिक्षा सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 50 मुख्य अध्यापकों का पाँचवाँ बैच 15 से 19 दिसंबर 2025 के बीच IIM अहमदाबाद में नेतृत्व प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
सिंगापुर और IIM में भी हो रहा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
पंजाब सरकार ने अध्यापकों और स्कूल नेताओं के प्रशिक्षण को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि—
- 234 प्रिंसिपलों और शैक्षणिक प्रबंधकों को सिंगापुर में अकादमिक नेतृत्व और प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
- 199 हेडमास्टर्स IIM अहमदाबाद में रणनीति और प्रबंधन आधारित कोर्स पूरा कर चुके हैं।
- 144 प्राथमिक अध्यापक फिनलैंड में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
ये आंकड़े बताते हैं कि सरकार अध्यापकों को नई तकनीकों से जोड़ने और शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कितना गंभीर है।
प्रशिक्षित अध्यापक बनेंगे ‘मास्टर ट्रेनर’
श्री बैंस ने बताया कि फिनलैंड और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण लेने वाले अध्यापक केवल अपने स्कूलों में ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभाएँगे। ये अध्यापक “मास्टर ट्रेनर” के रूप में कार्य करेंगे और अपनी नई सीख को अन्य शिक्षकों तक पहुँचाएँगे। इससे पूरे राज्य की शिक्षा प्रणाली में व्यापक और स्थायी सुधार होगा।
शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मंत्री बैंस ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पंजाब के भविष्य को नई दिशा देने का मिशन है। उनका कहना है कि—
“हम चाहते हैं कि पंजाब के बच्चे विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त करें। हमारे अध्यापकों का यह प्रशिक्षण हर कक्षा में बदलाव लाएगा, जिससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा मिल सके।”
इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग की प्रबंधकीय सचिव श्रीमती अनिंदता मित्रा, SCRT निदेशक किरण शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
फिनलैंड और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षकों को भेजना इस बात का प्रमाण है कि पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल आने वाले समय में स्कूलों में पढ़ाई के तरीके और छात्रों के सीखने के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है।
