अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस (26 जून) के अवसर पर पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने राज्य को “नशामुक्त पंजाब” बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस तस्करों पर सख़्त कार्रवाई, सप्लाई चेन तोड़ने और नशा छोड़ने वालों के पुनर्वास—तीनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। यह अभियान केवल क़ानून लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों का आंदोलन बन चुका है, जिसे सरकार ने “युद्ध नशियां विरुद्ध” नाम दिया है।
तस्करों पर कड़ी कार्रवाई
DGP ने बताया कि प्रदेश-भर में लगातार छापेमारी हो रही है। इस साल अब तक
-
हज़ारों छोटे-बड़े नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए,
-
बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफ़ीम और सिंथेटिक ड्रग बरामद की गई,
-
दसियों करोड़ रुपये की ड्रग मनी ज़ब्त हुई और
-
कई वाहन व संपत्तियाँ सील की गईं।
पुलिस की विशेष टीमें सप्लाई चेन के हर कड़ी को चिन्हित कर रहीं हैं—चाहे वह अंतरराज्यीय रूट हो या स्थानीय स्ट्रीट डीलर।
पुनर्वास पर भी ज़ोर
सिर्फ़ पकड़-धकड़ ही नहीं, पुलिस सामाजिक विभागों और NGOs के साथ मिलकर नशा छुड़ाओ केंद्रों (डि-एडिक्शन सेंटर) में भर्ती और परामर्श की सुविधा दिला रही है। नशे से उबरने वाले युवाओं को स्किल ट्रेनिंग और रोज़गार तक जोड़ा जा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्य धारा में लौट सकें।
नागरिकों का बढ़ता सहयोग
DGP यादव ने कहा कि सबसे उत्साहजनक बात आम लोगों की भागीदारी है। पिछले कुछ महीनों में:
-
हेल्पलाइन वॉट्सऐप नंबर और डेडिकेटेड ऐप पर ड्रग गतिविधियों की 50 हज़ार से अधिक सूचनाएँ मिलीं,
-
मोहल्लों की पंचायतों / ग्रुपों ने नशा बिक्री के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास किए,
-
सरकारी स्कूल-कॉलेजों में 500 से ज़्यादा जागरूकता कैंप लगे।
इन सूचनाओं की वजह से कई बड़े गिरोहों का पता चला और समय रहते तस्करी रोकी जा सकी।
“डरने की ज़रूरत नहीं, साथ आने की ज़रूरत है”
DGP ने प्रदेशवासियों से अपील की—“यदि आपके आसपास नशा बेचने या तस्करी की गतिविधि दिखे, तुरंत पुलिस को बताएं। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। यह लड़ाई पुलिस अकेले नहीं जीत सकती; हमें हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी चाहिए।”
लक्ष्य: सुरक्षित और स्वस्थ पंजाब
पंजाब पुलिस ने वादा किया कि वह “युद्ध नशियां विरुद्ध” को तब तक जारी रखेगी, जब तक राज्य को नशे से मुक्त न कर दे। “आज का दिन हमें याद दिलाता है कि नशा समाज, अर्थव्यवस्था और भविष्य—सबको नुकसान पहुंचाता है। साथ मिलकर ही हम एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त पंजाब बना सकते हैं,” DGP ने कहा।
