पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की विजिलेंस द्वारा गिरफ्तारी को एक अहम कदम बताया है। उन्होंने इसे “इंसाफ़ की शुरुआत” बताते हुए कहा कि भले ही देर हुई है, लेकिन अब वो समय आ गया है जब नशे के कारोबार में शामिल बड़ी मछलियों पर भी कानून का शिकंजा कसने लगा है।
540 करोड़ की बेनामी रकम का आरोप
अमन अरोड़ा ने जानकारी दी कि मजीठिया के ख़िलाफ़ दर्ज FIR में 540 करोड़ रुपये की बेनामी (अनअकाउंटेड) रकम को उनके साथ जोड़ा गया है। इसमें से 161 करोड़ रुपये सीधे उनकी कंपनियों के खातों में जमा पाए गए हैं, जिनका कोई वैध हिसाब-किताब मौजूद नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह पैसा किस स्रोत से आया, कहां से भेजा गया, और किन कंपनियों में निवेश किया गया — यह सारी जांच विज्ञानिक और प्रमाणिक तरीकों से की गई है। FIR में शामिल हर तथ्य को पुख़्ता सबूतों और लेन-देन के रिकॉर्ड्स के आधार पर तैयार किया गया है।
ड्रग माफिया की राजनीतिक सरपरस्ती पर सवाल
अरोड़ा ने आरोप लगाया कि पंजाब में पिछले कई वर्षों से नशे के व्यापार को कुछ राजनीतिक दलों की शह प्राप्त रही है। उन्होंने कहा कि 2014 में जब ED अधिकारी निरंजन सिंह ने ड्रग मनी की जांच शुरू की थी, तो उनका तबादला कर दिया गया, जिससे साफ होता है कि कुछ ताकतें इस जांच को रोकने में लगी थीं।
“पहले कहते थे बड़ी मछली नहीं पकड़ी जाती, अब उसके पक्ष में उतर आए”
अरोड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वही लोग जो पहले कहते थे कि बड़ी मछलियाँ नहीं पकड़ी जातीं, आज जब एक बड़ी मछली पकड़ी गई है, तो पूरी राजनीतिक जमात उसके पक्ष में खड़ी हो गई है। इससे यह साफ होता है कि ये लोग असल में नशे के धंधे के हिमायती रहे हैं।
किसी दबाव में नहीं झुकेगी पंजाब सरकार
कैबिनेट मंत्री ने दो टूक कहा कि पंजाब सरकार किसी भी सियासी दबाव में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद सच को अंजाम तक पहुँचाना है, और इस मामले में कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि न्याय प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से चलेगी, और जो भी दोषी है, उसे सज़ा मिलेगी—चाहे वह कितना ही रसूख़ वाला क्यों न हो।
“अब असली लड़ाई शुरू हुई है”
अमन अरोड़ा ने कहा कि मजीठिया की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि अब कार्रवाई सिर्फ़ छोटे-मोटे तस्करों पर नहीं, मुख्य साज़िशकर्ताओं पर भी हो रही है। पंजाब को नशा मुक्त करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।
बिक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी ने पंजाब की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। आम आदमी पार्टी की सरकार का दावा है कि वे ड्रग माफिया के ख़िलाफ़ पूरी तरह संजीदा हैं, और अब कोई भी सियासी ताकत इस मिशन को रोक नहीं सकती।
अब देखना होगा कि यह मामला कानूनी मोर्चे पर क्या रूप लेता है, लेकिन एक बात साफ है — पंजाब में नशा के ख़िलाफ़ असली जंग अब शुरू हो चुकी है।
