मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने नशाखोरी के खिलाफ चल रही जंग को और तेज करते हुए एक ऐतिहासिक पहल की है। 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के मौके पर सरकार ने एक नई “डेटा इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता इकाई” (Data Intelligence and Technical Support Unit) स्थापित करने के लिए समझौता किया है।
यह समझौता पंजाब सरकार, डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (मोहाली), विद्यासागर इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ (अमृतसर) और अनन्या बिरला फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। इस यूनिट का उद्देश्य नशे की रोकथाम, इलाज और पुनर्वास को तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से बेहतर बनाना है।
नशे के खिलाफ जंग में नई तकनीक
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह यूनिट नशे की रोकथाम की दिशा में एक नया अध्याय लिखेगी। अब तक नशा तस्करों की सप्लाई चेन को तोड़ा गया है, लेकिन अब ज़रूरत है कि पीड़ितों को सही इलाज और पुनर्वास दिया जाए ताकि वे दोबारा उस दलदल में न फंसे।

नई यूनिट का काम होगा –
पीड़ितों के लिए मनोवैज्ञानिक और सामाजिक देखभाल सुनिश्चित करना
मेडिकल ऑफिसर्स, पुलिस और हेल्थ वर्कर्स को तकनीकी ट्रेनिंग देना
ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिकों (Outpatient Opioid Assisted Treatment) की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना
डेटा के ज़रिए नीतियां बनाना और लागू करना
विशेषज्ञ संस्थानों का सहयोग
इस यूनिट को AIIMS का नेशनल ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर, IIT रोपड़, PGI चंडीगढ़, और TISS मुंबई जैसे बड़े संस्थानों का तकनीकी सहयोग मिलेगा। यह यूनिट पूरी तरह एक हब एंड स्पोक मॉडल पर काम करेगी। पंजाब के पांच मेडिकल कॉलेज – पटियाला, जालंधर, अमृतसर, फरीदकोट और मोहाली – रिसोर्स सेंटर के रूप में जोड़े जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक साथ दो मोर्चों पर लड़ रही है –
1. नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: अब तक कई बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी संपत्ति जब्त कर नष्ट की गई है। बुलडोज़र अभियान को और तेज किया जाएगा।
2. नशा पीड़ितों की मदद: सरकार न केवल इलाज करवा रही है, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी दे रही है।

लोगों से सहयोग की अपील
भगवंत मान ने कहा कि यह लड़ाई सरकार अकेले नहीं लड़ सकती। यह पूरे समाज की ज़िम्मेदारी है। यह आने वाली पीढ़ियों की लड़ाई है और हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वह इस अभियान में शामिल हो।
अनन्या बिरला फाउंडेशन की भूमिका
मुख्यमंत्री ने अनन्या बिरला फाउंडेशन का विशेष धन्यवाद किया। यह फाउंडेशन इस नई यूनिट को तकनीकी सहायता और संसाधन मुहैया कराएगा।
यह नई यूनिट पंजाब सरकार की उस सोच का हिस्सा है जिसमें नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिसिया कार्रवाई तक सीमित न रखकर, वैज्ञानिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी लड़ा जा रहा है। इस यूनिट से नशे के खिलाफ पंजाब की जंग को नई ताकत मिलेगी और राज्य को नशा मुक्त बनाने का सपना और करीब आएगा।
