पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के डायरेक्टर (प्रशासन) जसबीर सिंह सूर सिंह ने शुक्रवार को पटियाला में एक अहम बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के सभी ज़ोनल कार्यालयों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य विषय था – मृतक कर्मचारियों के परिजनों को दया के आधार पर दी जाने वाली नौकरियों की समीक्षा और लंबित मामलों को जल्द निपटाने पर ज़ोर।
उद्देश्य – ज़रूरतमंद परिवारों की मदद
डायरेक्टर सूर सिंह ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने सदस्य को नौकरी के दौरान खोया है, उन्हें समय पर सहायता देना हमारी ज़िम्मेदारी है। दया के आधार पर नौकरी मांग रहे आवेदकों ने जीवन के कठिन समय में भी हिम्मत नहीं हारी है। ऐसे लोगों को जल्द से जल्द रोजगार देकर सहारा देना PSPCL का नैतिक दायित्व है।
लंबित मामलों की समीक्षा
बैठक में सभी ज़ोनल प्रमुखों ने लंबित आवेदनों की जानकारी दी। डायरेक्टर ने पाया कि काफी संख्या में पद खाली हैं, जिन्हें उपयुक्त आवेदकों से तुरंत भरा जा सकता है। उन्होंने मानव संसाधन विभाग (HR) को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर ज़ोर
डायरेक्टर सूर सिंह ने अधिकारियों से कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि केवल वास्तविक और योग्य उम्मीदवारों को ही नौकरी मिले। उन्होंने सभी विभागों को ‘मिशन-मोड’ में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि विभागों में तालमेल बना रहना चाहिए ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़े।
प्रतिदिन निगरानी का ऐलान
जसबीर सिंह सूर सिंह ने यह भी घोषणा की कि वे खुद हर दिन इन मामलों की प्रगति की निगरानी करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री का आभार
बैठक में उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के सहयोग और मार्गदर्शन का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में काम कर रही है।
सकारात्मक संकल्प के साथ बैठक का समापन
बैठक का अंत इस दृढ़ संकल्प के साथ हुआ कि सभी ज़ोनल कार्यालय लंबित मामलों को शीघ्र निपटाएंगे और PSPCL में दया और सहानुभूति की परंपरा को जीवित रखेंगे। सभी प्रतिनिधियों ने मिलकर यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि संगठन की नीति के अनुसार योग्य उम्मीदवारों को ही नौकरी मिले।
यह बैठक न सिर्फ प्रशासनिक मजबूती की दिशा में कदम थी, बल्कि इससे यह भी संदेश गया कि PSPCL अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए संवेदनशील और उत्तरदायी संस्था है।
