पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक पुराने वादे को निभाते हुए बुढलाडा शहर में नई अनाज मंडी बनाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने पहले अपनी दौरे के दौरान इस मंडी के निर्माण का ऐलान किया था और अब इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ज़रूरी राशि जारी कर दी गई है। साथ ही ज़मीन की रजिस्ट्री भी बुढलाडा मंडी के नाम हो चुकी है।
इस बात की जानकारी बुढलाडा से विधायक प्रिंसिपल बुद्ध राम ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह कदम क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और आढ़तियों के लिए बहुत बड़ी सौगात है। अब बहुत जल्द इस अनाज मंडी को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जाएगा।
आढ़तियों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री द्वारा अपने वादे को निभाने पर बुढलाडा के व्यापारिक समुदाय और आढ़तियों में खुशी की लहर है। इस खुशी को जाहिर करने के लिए आढ़तियों के प्रतिनिधियों ने विधायक बुद्ध राम के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के निवास स्थान पर जाकर उनका आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए उनका सम्मान भी किया।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की फंड की कमी नहीं आने दी जाएगी। काम जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि तय समय में मंडी का निर्माण पूरा कर इसे आढ़तियों और बुढलाडा के लोगों को सौंप दिया जाएगा।
40 मिनट का खास समय दिया मुख्यमंत्री ने
इस अवसर पर विधायक बुद्ध राम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद आढ़तियों के प्रतिनिधिमंडल को 40 मिनट का समय दिया। इस दौरान उन्होंने उनकी सभी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि सरकार व्यापारियों के हित में हर संभव कदम उठाएगी।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में विधायक बुद्ध राम के साथ मार्केट कमेटी बुढलाडा के चेयरमैन सतीश सिंघला, ज्ञान चंद, परवीन कुमार, विशाल ऋषि, भोला राम पटवारी, जतिंदर जीतू, सुनील कुमार शीला और अनिल कुमार भी मौजूद थे। सभी ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और नई अनाज मंडी के लिए उत्साह जताया।
क्या होगा लाभ?
नई अनाज मंडी बनने से बुढलाडा क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को एक बेहतर व्यापारिक केंद्र मिलेगा। इससे कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त सुगम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस फैसले से न सिर्फ स्थानीय लोगों की मांग पूरी हुई है, बल्कि यह मुख्यमंत्री भगवंत मान की वादे निभाने की नीति को भी दर्शाता है।
