पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक बार फिर साबित किया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार भ्रष्टाचार और नशाखोरी के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया ड्रग केस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके विपक्ष की दोहरी चालों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया।
विपक्षी दलों का चेहरा बेनकाब
प्रेस वार्ता में हरपाल चीमा ने साफ कहा कि जो नेता पहले मजीठिया की गिरफ्तारी की मांग करते नहीं थकते थे, वही अब AAP सरकार की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने पूछा, “क्या यह दोहरा रवैया नहीं है? जब कार्रवाई नहीं होती, तो सवाल उठते हैं और जब होती है, तो भी विरोध होता है। आखिर जनता को गुमराह क्यों किया जा रहा है?”
चीमा ने साक्ष्य के तौर पर उन नेताओं की वीडियो और ऑडियो क्लिप्स भी चलाईं, जिसमें वे मजीठिया के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे थे। अब जब आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह साहसिक कदम उठाया है, तो वही नेता राजनीतिक बचाव की मुद्रा में आ गए हैं।
AAP सरकार की ईमानदारी और नीयत पर सवाल नहीं उठता
हरपाल चीमा ने दो टूक कहा, “AAP सरकार ने वादा किया था कि नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारी नीयत साफ है, और हम किसी भी बड़े चेहरे को बचाने के पक्ष में नहीं हैं।” उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में राजनीतिक लाभ या नुकसान की नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य की चिंता है।
छोटी-सी भूल बनी मीडिया का हंसी-मजाक
हालांकि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक हल्की-फुल्की घटना भी घटी। मीडिया को पहले बताया गया था कि मीटिंग AAP दफ्तर में होगी, पर हरपाल चीमा गलती से पंजाब भवन पहुंच गए। लेकिन इसकी जानकारी मिलते ही वे खुद तुरंत पार्टी दफ्तर पहुंचे और मीडिया से इस गलती को ईमानदारी से स्वीकार भी किया, जिससे उनकी सादगी और पारदर्शिता झलकती है।
10 साल में फैला नशा, अब हो रही असली कार्रवाई
चीमा ने कहा कि 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के समय नशे का जाल पंजाब में फैला। उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, “AAP ने जो वादा किया था, हम उस पर काम कर रहे हैं। आज कोई भी व्यक्ति कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे कानून से नहीं बचाया जाएगा।”
पंजाब को साफ-सुथरी राजनीति की जरूरत
चीमा ने विपक्षी नेताओं से अपील की कि वे राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाएं, न कि स्वार्थ और विरोध की दुकान। उन्होंने कहा कि राजनीति में लोगों का भरोसा लौटाना है, तो हमें अपने बयानों और कामों में ईमानदारी दिखानी होगी।
हरपाल चीमा ने न केवल ड्रग केस पर AAP सरकार के रुख को मजबूती से पेश किया, बल्कि विपक्ष की ग़ैर-ज़िम्मेदाराना राजनीति को भी जनता के सामने उजागर किया। उनकी यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इस बात का सबूत है कि आम आदमी पार्टी पंजाब को एक साफ-सुथरे और नशामुक्त भविष्य की ओर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
