पंजाब में ड्रग मामले को लेकर सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया के केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एंट्री पर आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अमन अरोड़ा ने बड़ा सवाल उठाया है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह मामला अब साफ होता जा रहा है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों मिलकर बिक्रम मजीठिया को बचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीबी ने मजीठिया केस से जुड़ी पूरी जानकारी पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से मांगी है। इससे लगता है कि केंद्र की एजेंसियों का मकसद मामले की गहराई तक जाने का नहीं, बल्कि मजीठिया को राहत दिलवाने का है।
उन्होंने कहा कि जब से बिक्रम मजीठिया के खिलाफ पुख्ता सबूतों के आधार पर कार्रवाई शुरू हुई है, तब से ही केंद्र सरकार उसकी मदद में लग गई है। अमन अरोड़ा ने तंज कसते हुए कहा, “पंजाब में ड्रग्स का कारोबार कोई नई बात नहीं है। ये सब पिछले कई सालों से चल रहा है। मगर केंद्र की एजेंसियों को अब जाकर इसकी याद क्यों आई? क्या अब तक वे सो रहे थे?”
आम आदमी पार्टी नेता ने कहा कि आज जब मजीठिया के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है, तो सब मिलकर इस केस को कमजोर करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी और अकाली दल की पुरानी दोस्ती एक बार फिर दिख रही है। केंद्र सरकार उसी पुरानी साठगांठ के तहत बिक्रम मजीठिया को बचाना चाहती है।
इस दौरान अमन अरोड़ा ने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी के नेता जिस तरह से अपने रंग बदलते हैं, उन्हें देखकर गिरगिट भी शरमा जाए।
उन्होंने सीधा संदेश दिया कि “कोई भी तरीका अपना लो, मजीठिया जैसे नशे के सौदागर अब बच नहीं पाएंगे। हमारी सरकार का सपना है कि पंजाब को फिर से एक रंगला और खुशहाल राज्य बनाया जाए, और इसमें किसी भी सियासी दबाव को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।”
इस पूरे बयान से साफ है कि आम आदमी पार्टी अब नशा विरोधी मुहिम को लेकर और ज्यादा सख्ती बरतने वाली है और केंद्र के हस्तक्षेप को राजनीतिक साजिश बता रही है।
