पठानकोट ज़िले में गंदगी और बीमारियों से बचाव के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट अदित्या उप्पल ने सख्त आदेश जारी किए हैं। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत दिए गए अधिकारों के अनुसार लागू किए गए हैं। आदेश का उद्देश्य ज़िले के अंदर सरकारी और निजी स्वामित्व वाले खाली प्लॉटों में जमा हो रहे कूड़े-कचरे, गंदगी और बरसात के गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियों को रोकना है।
क्या है आदेश का मुख्य बिंदु?
ज़िला मजिस्ट्रेट ने साफ कहा है कि जो लोग शहर के अंदर खाली प्लॉटों के मालिक हैं या कब्जाधारी हैं, वे अपने प्लॉटों में सफाई सुनिश्चित करें। यदि वहां कूड़ा, गंदगी या बरसात का जमा हुआ गंदा पानी है, तो उसकी तुरंत सफाई कराई जाए। भविष्य में भी इन जगहों पर गंदगी न फैले इसके लिए उचित कदम उठाने होंगे।
प्लॉट मालिकों को क्या करना होगा?
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अपने प्लॉट की सफाई कराना अनिवार्य है।
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प्लॉट के चारों ओर पक्की दीवार या फेंसिंग कराना सुनिश्चित करें।
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ऐसा प्रबंध करें कि आगे से कोई कूड़ा जमा न हो सके।
यदि प्लॉट सरकारी स्वामित्व में है, तो संबंधित विभाग के प्रमुख इसकी सफाई के लिए ज़िम्मेदार होंगे।
अंतिम तारीख और कार्रवाई
सभी संबंधित व्यक्तियों और विभागों को 10 जुलाई 2025 तक यह सफाई कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। अगर निर्धारित समय तक सफाई नहीं की जाती है तो नगर निगम, नगर परिषद या पंचायत द्वारा सफाई कराई जाएगी और उसका पूरा खर्च संबंधित प्लॉट के मालिक या कब्जाधारी से वसूला जाएगा।
आदेश की निगरानी और कानूनी कार्रवाई
नगर निगम पठानकोट के कमिश्नर और शहरी विकास के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर को इन आदेशों की सख्ती से पालन करवाने की ज़िम्मेदारी दी गई है। ये आदेश पंजाब म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, और ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के तहत लागू किए जाएंगे।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन आदेशों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये कार्रवाई सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के कारण की जाएगी।
आदेश कब तक लागू रहेगा?
यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और 2 सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा। बता दें कि इसी तरह के आदेश अमृतसर, जालंधर और गुरदासपुर ज़िलों में भी पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
ज़िला प्रशासन का यह कदम न सिर्फ साफ-सफाई को बढ़ावा देगा बल्कि डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों के फैलाव पर भी रोक लगाएगा। लोगों को अब अपने खाली प्लॉटों की देखभाल करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि गंदगी न फैले, वरना प्रशासन सख्त कार्रवाई के लिए तैयार है।
