अमेरिकी कस्टम और बॉर्डर सुरक्षा विभाग ने हाल ही में एक चौंकाने वाला आंकड़ा जारी किया है। जनवरी से मई 2025 के बीच 10,300 भारतीय नागरिक अमेरिका की सीमा पर अवैध रूप से प्रवेश करते हुए पकड़े गए। इनमें 30 नाबालिग ऐसे थे, जो अकेले यात्रा कर रहे थे – उनके साथ कोई वयस्क नहीं था। पकड़े गए अधिकतर लोग भारत के गुजरात राज्य से थे।
यह आंकड़ा भले ही बड़ा लगे, लेकिन पिछले साल की तुलना में इसमें 70% की भारी गिरावट देखी गई है। वर्ष 2024 की इसी अवधि में 34,535 भारतीयों को अवैध प्रवेश करते हुए पकड़ा गया था। अधिकारियों के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका में सुरक्षा उपायों का सख्त होना और मानव तस्करी करने वाले गिरोहों की सक्रियता में कमी आना है।
क्यों घट रही है संख्या?
अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका में संभावित राजनीतिक बदलाव – विशेषकर डोनाल्ड ट्रंप की दोबारा चुनावी जीत के बाद – सख्त आप्रवासन नीतियों के संकेत दे रहे हैं। इससे डर कर तस्करी करने वाले गिरोहों ने अपनी गतिविधियों में कमी कर दी है। साथ ही, अमेरिका ने अपने बॉर्डर सिस्टम को और भी मजबूत कर लिया है, जिससे घुसपैठ करना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है।
अब भी हैं लाखों अवैध भारतीय प्रवासी
हालांकि गिरावट दर्ज की गई है, पर अमेरिका में अभी भी बड़ी संख्या में बिना कागजों के रह रहे भारतीय मौजूद हैं। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2024 तक करीब 2.2 लाख भारतीय अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे। जनवरी 2025 में इनमें से 332 लोगों को वापस भारत भेजा गया था।
जानलेवा रास्तों से अमेरिका में घुसपैठ
भारत से कई लोग खतरनाक रास्तों से अमेरिका में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। समुद्र के रास्ते अवैध प्रवेश की घटनाएं भी बढ़ी हैं, क्योंकि मैक्सिको सीमा की कड़ी निगरानी के चलते अब लोग समुद्री मार्ग चुनने लगे हैं। 9 मई को कैलिफोर्निया के डेल मार के पास एक नाव पलट गई, जिसमें दो नाबालिग भाई-बहन की मौत हो गई। ऐसी नावें अक्सर मैक्सिको की सीमा से चलती हैं, और यात्रियों को अवैध तरीके से अमेरिका ले जाने की कोशिश करती हैं।
हालांकि 2025 में अवैध प्रवेश के मामलों में कमी आई है, लेकिन यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। भारत और अमेरिका दोनों को मिलकर मानव तस्करी को रोकने, सुरक्षित प्रवास के विकल्प बढ़ाने और जागरूकता फैलाने की ज़रूरत है, ताकि लोग जान जोखिम में डालकर ऐसे खतरनाक रास्ते न अपनाएं।
