कोरोना वायरस ने एक बार फिर धीरे-धीरे सिर उठाना शुरू कर दिया है। हालांकि पहले जैसी गंभीर स्थिति नहीं है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के मामूली मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि हम एक बार फिर सतर्कता बरतें और सावधान रहें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में इस समय कुल सक्रिय मामलों की संख्या लगभग 1,181 है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और हेल्थ ट्रैकर वेबसाइट्स के मुताबिक यह आंकड़ा 8,000 के आसपास भी बताया जा रहा है।
हालांकि दोनों आंकड़ों में अंतर है, लेकिन एक बात तय है—स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं।
— कहां-कहां मिल रहे हैं नए केस?
भारत के कुछ राज्यों में संक्रमण के मामूली मामले देखे गए हैं। खासतौर पर केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और गुजरात में पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए हैं।
इन राज्यों में स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों में तैयारियों की समीक्षा की जा रही है और टेस्टिंग भी तेज की गई है। कुछ अस्पतालों में मॉक ड्रिल भी करवाई जा रही है ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
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क्या कोई नया वेरिएंट आया है?
हाल ही में विदेशों में कोरोना का एक नया वेरिएंट NB.1.8.1 सामने आया है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप के कुछ देशों में पाया गया है। भारत में अभी तक इस वेरिएंट के बहुत कम मामले हैं और कोई बड़ी लहर नहीं आई है।
फिर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि निगरानी बेहद जरूरी है, क्योंकि वायरस बदलते रूप में सामने आता है। नए वेरिएंट की जांच और जीनोम सीक्वेंसिंग पर सरकार का फोकस बना हुआ है।
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हमें क्या करना चाहिए?
भले ही संक्रमण की संख्या कम हो, लेकिन सावधानी अभी भी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
✔️ मास्क पहनें, खासकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर।
✔️ हाथ धोना और सैनिटाइज़र का इस्तेमाल अब भी जरूरी है।
✔️ सर्दी-खांसी या बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
✔️ यदि आपने अभी तक बूस्टर डोज नहीं लगवाई है, तो जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं।
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सरकार की तैयारी कैसी है?
सरकार की ओर से सभी राज्यों को अलर्ट रहने को कहा गया है। केंद्र ने यह निर्देश भी दिए हैं कि राज्य अस्पतालों में जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन, आईसीयू बेड और स्टाफ की तैयारियों की समय-समय पर समीक्षा करें।
साथ ही, हवाई अड्डों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि बाहरी देशों से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जा सके।
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कोरोना खत्म नहीं हुआ है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है। अभी हालात काबू में हैं, मगर लापरवाही से हालात बिगड़ सकते हैं। हमें पहले की तरह जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।
छोटी-छोटी सावधानियां ही बड़ी समस्याओं से बचाव कर सकती हैं। इस बार हमें कोरोना को बिना फैलने दिए ही रोकना है।
