इंग्लैंड की पिचें तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती हैं। वहां की स्विंग और सीम पर टिककर बल्लेबाजी करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में जब कोई भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड की धरती पर दोहरा शतक जड़ता है, तो वह केवल एक पारी नहीं, बल्कि इतिहास रच देता है।
अब तक भारतीय टेस्ट इतिहास में केवल तीन बल्लेबाज ही ऐसे हुए हैं, जिन्होंने इंग्लैंड में दोहरा शतक लगाया है। हाल ही में इस सूची में शामिल हुए हैं युवा बल्लेबाज और मौजूदा टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, जिन्होंने एजबेस्टन में कमाल की बल्लेबाजी करते हुए 269 रन ठोक डाले। आइए जानते हैं उन तीन दिग्गजों के बारे में जिन्होंने इंग्लैंड की धरती पर यह कारनामा किया है।
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1. सुनील गावस्कर – 1979, ओवल टेस्ट
भारतीय क्रिकेट के सबसे चमकते सितारों में से एक, सुनील गावस्कर, इंग्लैंड में दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने। 1979 में ओवल टेस्ट के दौरान, भारत को जीत के लिए 438 रनों की जरूरत थी। गावस्कर ने चेतन चौहान के साथ मिलकर 213 रनों की ओपनिंग साझेदारी की और 221 रन बनाए।
उन्होंने 443 गेंदों में 21 चौके लगाए और टीम को जीत की कगार तक पहुंचा दिया। हालांकि, टी ब्रेक के बाद गावस्कर के आउट होते ही भारत की पारी लड़खड़ा गई और मैच ड्रॉ रहा। लेकिन उनकी यह पारी आज भी भारत की सबसे यादगार टेस्ट पारियों में से एक मानी जाती है।
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2. राहुल द्रविड़ – 2002, ओवल टेस्ट
‘द वॉल’ राहुल द्रविड़ ने 2002 के ओवल टेस्ट में शानदार 217 रन बनाए थे। उन्होंने लगभग 11 घंटे तक क्रीज पर टिके रहकर 468 गेंदों में 28 चौकों के साथ यह पारी खेली। भारत उस समय इंग्लैंड के बड़े स्कोर का पीछा कर रहा था।
इस दौरान द्रविड़ ने सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और लक्ष्मण के साथ मजबूत साझेदारियां निभाईं। लक्ष्मण के साथ उनकी 5वें विकेट की साझेदारी ओवल टेस्ट में एक रिकॉर्ड बन गई थी। यह मैच बारिश के कारण ड्रॉ रहा, लेकिन द्रविड़ की यह संयमित पारी क्रिकेट प्रेमियों के दिल में बस गई।
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3. शुभमन गिल – 2025, एजबेस्टन टेस्ट
2025 की टेस्ट सीरीज के दौरान शुभमन गिल ने इंग्लैंड में इतिहास रच दिया। एजबेस्टन टेस्ट में उन्होंने दूसरी सुबह 114* से आगे खेलते हुए 269 रन की लंबी पारी खेली। यह उनका पहला टेस्ट दोहरा शतक भी रहा।
गिल की यह पारी कई मायनों में खास रही। उन्होंने मोहम्मद अजहरुद्दीन का 1990 में बनाया गया 179 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा, जो इंग्लैंड में किसी भारतीय कप्तान का सर्वोच्च स्कोर था।
गिल ने रविंद्र जडेजा के साथ 203 रनों की साझेदारी और फिर वॉशिंगटन सुंदर के साथ मिलकर टीम के स्कोर को 500 के पार पहुंचाया। 387 गेंदों की इस पारी में गिल ने शानदार नियंत्रण और तकनीक का प्रदर्शन किया।
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इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट खेलना हमेशा एक कठिन परीक्षा होती है, और इन तीनों बल्लेबाजों ने यह साबित किया है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से किसी भी चुनौती को मात दी जा सकती है। शुभमन गिल की यह पारी आने वाले युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है।
