पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक खास बात चर्चा में है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि गांवों के विकास में बेहतरीन योगदान देने वाली 1500 महिला सरपंचों और पंचों को महाराष्ट्र स्थित पवित्र स्थान ‘नांदेड़ साहिब’ के दर्शन के लिए भेजा जाएगा।
यह पहल सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित होगी। यात्रा का पूरा खर्च – चाहे वह रेल से यात्रा हो, ठहरने की व्यवस्था हो या खाने-पीने का खर्च – सब कुछ पंजाब सरकार वहन करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य केवल तीर्थ नहीं, बल्कि इन महिलाओं को सम्मान देना और उन्हें और भी प्रेरित करना है।
मुख्यमंत्री मान का मानना है कि हर पंजाबी के दिल में नांदेड़ साहिब के लिए विशेष श्रद्धा होती है, और बहुत से लोगों की यह जीवनभर की ख्वाहिश होती है कि वे कम से कम एक बार इस पावन स्थल के दर्शन करें। ऐसे में महिला सरपंचों को यह मौका देकर, सरकार महिला सशक्तिकरण की भावना को एक नई दिशा दे रही है।
ट्रेन से जाएगी यात्रा, महाराष्ट्र में मिलेगा प्रशिक्षण भी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन महिला प्रतिनिधियों के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की जाएगी। यात्रा के दौरान वे महाराष्ट्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी, जिससे उनका प्रशासनिक और सामाजिक ज्ञान बढ़ सकेगा। इस यात्रा को एक तीर्थ के साथ-साथ एक प्रेरक अनुभव के रूप में तैयार किया गया है।
राजनीति पर भी तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने इस ऐलान के साथ-साथ कुछ कड़े राजनीतिक संदेश भी दिए। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें पंजाब के डैमों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की तैनाती की बात कही गई थी। भगवंत मान ने साफ किया कि अब पंजाब पुलिस ही राज्य के डैमों की सुरक्षा करेगी, क्योंकि वह इस काम के लिए पूरी तरह सक्षम है।
मान ने कहा, “अगर पंजाबी देश की सीमाओं की रक्षा कर सकते हैं, तो अपने डैमों की भी कर सकते हैं।”
विपक्ष पर तीखे तीर
मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता सुनील जाखड़ पर तंज कसते हुए कहा कि वे दूसरों पर बयानबाज़ी करने की बजाय अपनी पार्टी को बचाने की चिंता करें। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर “दोहरे चरित्र” दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि विधानसभा सत्र में इनकी पोल खोली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नशे की समस्या के लिए पहले की सरकारें जिम्मेदार हैं, और अब जो रैकेट पकड़ा गया है उसका मुख्य आरोपी नाभा जेल में है। साथ ही, उन्होंने कुछ किसान यूनियनों पर भी सवाल उठाए, जो अब किसानों के नाम पर अपना निजी स्वार्थ साध रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना
अपनी बात को खत्म करते हुए, भगवंत सिंह मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं में तो व्यस्त रहते हैं, लेकिन देश की असली समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। मान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अब 10,000 से कम आबादी वाले देशों से पुरस्कार लेकर खुश हो रहे हैं, जबकि देश की आंतरिक हालत खराब है।
इस पूरी घोषणा और बयानबाज़ी के बीच सबसे खूबसूरत पहलू यह रहा कि महिला नेतृत्व को मान्यता दी गई। पंजाब की 1500 महिला सरपंचों और पंचों को नांदेड़ साहिब की पवित्र यात्रा पर भेजना न सिर्फ उनके काम की सराहना है, बल्कि यह समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देता है – कि अब महिलाएं केवल पंचायतों में नहीं, बदलाव की असली वाहक बन चुकी हैं।
