पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा देने और ग्रामीण स्तर की प्रतिभा को निखारने के लिए एक बड़ी पहल की है। उन्होंने ‘शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह क्रिकेट लीग’ शुरू करने की वकालत की है। इस लीग का मकसद गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर मैच करवा कर नई क्रिकेट प्रतिभाओं को सामने लाना है।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा नई बनी पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के पदाधिकारियों के साथ अपने सरकारी आवास पर हुई मुलाकात के दौरान की। उन्होंने कहा कि इस तरह की लीग राज्य में छिपी हुई क्रिकेट प्रतिभा को सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगी। भगवंत मान ने बताया कि यह लीग “खेडां वतन पंजाब दीयां” की तर्ज पर आयोजित होगी, जो हर साल युवाओं को खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने पहले भी हरभजन सिंह, शुभमन गिल और अर्शदीप सिंह जैसे बेहतरीन खिलाड़ी देश को दिए हैं। अगर इन खिलाड़ियों को समय रहते सही मंच मिला, तो आज ये देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी तरह की और प्रतिभाएं पंजाब के गांवों में भी हैं, जिन्हें सही दिशा और मौका देने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार पूरी तरह से PCA का समर्थन करेगी और राज्य में क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हर संभव मदद देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम क्रिकेट को पंजाब के कोने-कोने तक लेकर जाएगी।
इस मौके पर सीएम मान ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार मौजूदा मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम के अलावा, जालंधर और अमृतसर में भी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाएगी। इसका मकसद युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं देना और पंजाब को खेलों का हब बनाना है।
उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि आज भारत की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम के कप्तान पंजाब से हैं। ये बात साबित करती है कि पंजाब में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें मंच और मार्गदर्शन की जरूरत है।
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत मेहता, उपाध्यक्ष दीपक बाली, सचिव और विधायक कुलवंत सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसोसिएशन राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
यह नई लीग न सिर्फ खिलाड़ियों को मौका देगी, बल्कि पूरे पंजाब में खेलों को लेकर एक नई ऊर्जा और जोश भरेगी। इससे युवाओं को क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाने का हौसला मिलेगा और पंजाब फिर से खेलों में अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।
