पंजाब सरकार ने लोगों को सरकारी कामों से जुड़ी परेशानियों से राहत देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी कई जरूरी सेवाओं के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये सभी सुविधाएं अब नजदीकी सुविधा केंद्रों (Suvidha Kendras) के ज़रिए उपलब्ध होंगी।
यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में शुरू की गई ईज़ी रजिस्ट्री स्कीम के तहत माल विभाग और ट्रांसपोर्ट विभाग की कई सेवाएं अब आम जनता को एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इससे लोगों का समय, मेहनत और पैसा बचेगा।
अब सुविधा केंद्रों पर मिलेंगी ये सेवाएं:
जमीन की रजिस्ट्री (डीड रजिस्ट्रेशन)
रजिस्ट्री का ड्राफ्ट तैयार करवाना
जांच के लिए डीड जमा करना
स्टांप ड्यूटी का भुगतान
विरासत या रजिस्टर्ड डीड के आधार पर इंतकाल के लिए आवेदन
अदालत के आदेश, बैंक लोन या गिरवी से जुड़ी रजिस्ट्री सेवाएं
रिकॉर्ड में सुधार (फर्द बदलने के लिए अपील)
डिजिटल दस्तावेजों पर दस्तखत से संबंधित सेवाएं
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना, नवीनीकरण और अन्य सेवाएं
साक्षी साहनी ने बताया कि जिन लोगों के लिए सुविधा केंद्र तक जाना संभव नहीं है, वे सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके भी ये सुविधाएं घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। कॉल करने के बाद सरकारी टीम आपके घर आकर सभी जरूरी कागज जमा करेगी और प्रक्रिया को पूरा करवाएगी।
इस पहल का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को ज्यादा पारदर्शी, आसान और लोगों की पहुंच में बनाना है। पहले जहाँ एक-एक काम के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते थे, अब वही सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही यह वादा कर चुके हैं कि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि सरकार खुद जनता के पास पहुंचेगी। ईज़ी रजिस्ट्री योजना और सुविधा केंद्रों के ज़रिए यह वादा अब हकीकत बन रहा है।
इस नई व्यवस्था से न सिर्फ़ लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी कामों में लगने वाला समय और भ्रष्टाचार भी कम होगा। पंजाब सरकार की यह पहल ई-गवर्नेंस और जनसेवा की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
