पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार, 12 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए कि ये दोनों पार्टियां मिलकर ड्रग माफिया और गैंगस्टरों को बचाने में लगी हैं और आम आदमी पार्टी की सरकार के नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।
चीमा का आरोप: झूठी FIR से बना रहे दबाव
हरपाल चीमा ने कहा कि अब कांग्रेस और बीजेपी के नेता झूठी एफआईआर दर्ज करवाकर आप नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही आप सरकार ने पंजाब विधानसभा का दो दिन का सत्र बुलाया, कांग्रेस घबरा गई। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने चंडीगढ़ पुलिस के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई और सिर्फ 24 घंटे में उनके और आप पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।
चीमा ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी तेजी केवल आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ ही क्यों दिखाई जा रही है, जबकि आम जनता की हजारों शिकायतें सालों से लंबित पड़ी हैं?
चंडीगढ़ पुलिस पर राजनीतिक दबाव का आरोप
चीमा ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस जो कि केंद्र सरकार और बीजेपी द्वारा नियुक्त राज्यपाल के अधीन है, वह राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अदालत में पेश पुलिस के हलफनामे के मुताबिक 15 मई 2024 तक 7,067 शिकायतें लंबित थीं, जिनमें साइबर अपराध, ठगी और चोरी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। लेकिन इसके बावजूद चंडीगढ़ पुलिस ने महज एक दिन में AAP नेताओं के खिलाफ केस दर्ज कर दिया।
“हम सच बोलना बंद नहीं करेंगे”
हरपाल चीमा ने साफ कहा कि आम आदमी पार्टी डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा, “हम कानून का सामना करने को तैयार हैं लेकिन सच बोलना बंद नहीं करेंगे। कांग्रेस और बीजेपी की मिलीभगत से जो साजिशें रची जा रही हैं, उनका पर्दाफाश हम करते रहेंगे।”
AAP का मिशन: नशे के खिलाफ लड़ाई
चीमा ने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी ने 2017 में जब पहली बार पंजाब में चुनाव लड़ा था, तो उसका सबसे बड़ा मुद्दा नशाखोरी था। उन्होंने कहा कि पंजाब में बेरोजगारी, कृषि संकट और नशे की समस्या ने युवाओं का जीवन बर्बाद कर दिया था।
उन्होंने कहा, “यह वही समय था जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कहा था कि पंजाब के करीब 70 प्रतिशत युवा नशे की गिरफ्त में हैं, और इसके लिए अकाली दल-बीजेपी गठबंधन जिम्मेदार है।”
चीमा का सीधा संदेश
चीमा ने कांग्रेस और बीजेपी को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि वे चाहे जितना भी राजनीतिक दबाव बना लें, आम आदमी पार्टी पंजाब को नशे से मुक्त कराने की अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पंजाब के भविष्य के लिए है और इसमें किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा।
हरपाल चीमा के इन आरोपों से पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। जहां एक ओर AAP खुद को नशे के खिलाफ लड़ने वाली पार्टी के रूप में पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस और बीजेपी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।
