पंजाब विधानसभा के चल रहे विशेष सत्र के तीसरे दिन एक अहम मुद्दे पर चर्चा हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण पंजाब में संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया। इस पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि फिलहाल पंजाब में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
हिमाचल की बारिश का असर पंजाब पर नहीं
मंत्री गोयल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश जरूर हो रही है, लेकिन पंजाब के डैमों में पानी की मात्रा सामान्य स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान में किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है, क्योंकि डैमों की क्षमता के अनुसार हालात पूरी तरह सुरक्षित हैं।
पानी के स्तर के ताज़ा आंकड़े
बरिंदर गोयल ने डैमों में जल स्तर के आँकड़े साझा करते हुए बताया कि 2023 की तुलना में इस साल पानी का स्तर काफी कम है, जो कि राहत की बात है।
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भाखड़ा डैम:
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2023 में: 1634 फीट
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2025 में (अब): 1593 फीट
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अंतर: 40.6 फीट कम
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पौंग डैम:
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2023 में: 1366 फीट
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अब: 1328 फीट
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अंतर: 38.72 फीट कम
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रणजीत सागर डैम:
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2023 में: 1715.51 फीट
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अब: 1658.37 फीट
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अंतर: 57.14 फीट कम
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इन आँकड़ों से साफ है कि अभी तक डैमों में पानी का स्तर नियंत्रित है और बाढ़ जैसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है।
सरकार की तैयारी – एहतियाती कदम भी पूरे
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में जल स्तर बढ़ता है, तो सरकार पूरी तरह तैयार है।
🔹 सभी नदियों, नालों और ड्रेनों की सफाई पहले ही करवाई जा चुकी है।
🔹 इसके लिए 204.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
🔹 स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड से बांधों की मजबूती के लिए काम किया गया है।
🔹 एमरजेंसी रेस्पॉन्स टीमें तैनात हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी लगातार की जा रही है।
2023 में भारी नुकसान, अब फुल अलर्ट
मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि 2023 में बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था, और इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार समय रहते सभी जरूरी कदम उठा लिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि स्थिति पर 24×7 नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी पूरी है।
फिलहाल पंजाब में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है और सरकार ने एहतियातन हर कदम उठाया हुआ है। जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, पर जागरूक रहना जरूरी है। सरकार की यह सतर्कता और योजना दिखाती है कि इस बार प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पंजाब पूरी तरह तैयार है।
