धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी जैसे संवेदनशील और गंभीर मामलों में अब आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। पंजाब सरकार ने ‘पंजाब पवित्र ग्रंथों के खिलाफ अपराध रोकथाम विधेयक-2025’ को मंजूरी देकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस बिल को मंजूरी दी गई, जिससे पवित्र ग्रंथों के अपमान के मामलों में अब सीधे उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान होगा।
धार्मिक भावनाओं को सम्मान देने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब, भगवद गीता, बाइबल, कुरान शरीफ समेत अन्य पवित्र ग्रंथों की बार-बार हो रही बेअदबी की घटनाओं से समाज में गहरी पीड़ा और असंतोष फैला है। फिलहाल IPC की धाराएं 298, 299 और 300 इन मामलों में पर्याप्त सज़ा नहीं देतीं, जिसके कारण कई आरोपी कानून की पकड़ से बाहर निकल जाते हैं।
➡️ इसी कानूनी खालीपन को भरते हुए, नया राज्य-स्तरीय कानून अब बेअदबी के मामलों में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा सुनिश्चित करेगा।
➡️ यदि कोई व्यक्ति इस अपराध की कोशिश करता है, तो उसे 3 से 5 साल की जेल होगी, जबकि उकसाने वाले व्यक्ति को भी उसी के अनुरूप दंड मिलेगा।
➡️ यह विधेयक सभी धर्मों और समुदायों की धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा की दिशा में संतुलित और प्रभावशाली पहल मानी जा रही है।
क्रशर यूनिट्स पर भी सरकार की सख्ती, नए नियम लागू
कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स, एंड स्टॉकिस्ट्स एंड रिटेलर रूल्स-2025’ को भी मंजूरी दे दी है। इन नियमों का उद्देश्य खनिज व्यापार में पारदर्शिता लाना और अवैध खनन पर लगाम लगाना है।
इन नियमों की प्रमुख बातें:
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रेत और बजरी जैसे खनिजों की अवैध खरीद-बिक्री को रोकना।
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क्रशर यूनिट्स, थोक और खुदरा विक्रेताओं की गतिविधियों को तय दायरे में लाना।
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रॉयल्टी चोरी को रोकने के लिए स्पष्ट समय-सीमा, फार्म और जवाबदेही तय करना।
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पर्यावरणीय नियमों के अनुकूल व्यापार को बढ़ावा देना।
सरकार की मंशा साफ: अनुशासन, धार्मिक सम्मान और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने यह दिखा दिया है कि न तो धर्म के नाम पर किसी अपराध को बर्दाश्त किया जाएगा और न ही व्यापार के नाम पर कानून तोड़ा जाएगा। बेअदबी कानून जहां धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा करता है, वहीं क्रशर यूनिट्स नियम राज्य के संसाधनों और पर्यावरण की रक्षा का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
इस दोहरी रणनीति के साथ पंजाब सरकार ने न केवल कानून का शासन मजबूत किया है, बल्कि सामाजिक सौहार्द, पारदर्शिता और न्याय की नई नींव भी रखी है।
यह सिर्फ एक कानून नहीं, एक मजबूत सामाजिक संदेश है — धर्म का सम्मान सर्वोपरि है और अपराध की कोई जगह नहीं।
