केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के अंतर्गत पंजाब में लाभार्थी परिवारों को जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही के लिए मुफ्त गेहूं वितरण की तैयारी अपने अंतिम चरण में है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुताबिक, राज्य के 23 जिलों के अंतर्गत आने वाले 39,78,488 राशन कार्ड धारक परिवारों के 1.51 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए कुल 2.22 लाख मीट्रिक टन गेहूं का कोटा जारी किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, यह गेहूं जल्द ही पंजाब के 16,609 राशन डिपो पर पहुंचाया जाएगा और वितरण की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी। खाद्य आपूर्ति विभाग की विभिन्न टीमों ने संबंधित अधिकारियों व डिपो होल्डरों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं, ताकि वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए और कार्य समय से पहले पूरा किया जा सके।
झोने की फसल से पहले पूरी करनी है गेहूं की डिलीवरी
खाद्य आपूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगस्त के अंत तक राज्य की मंडियों में झोने (धान) की आवक शुरू हो जाएगी। ऐसे में गेहूं वितरण कार्य को समय रहते पूरा करना आवश्यक है, ताकि मंडियों में फसल की खरीद, गाड़ियों की आवाजाही, सफाई, बोरियों की व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियों में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
नीले और स्मार्ट राशन कार्ड धारकों को मिलेगा लाभ
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, नीले और स्मार्ट राशन कार्ड धारक लाभार्थियों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं प्रति माह के हिसाब से 3 महीनों के लिए कुल 15 किलो गेहूं मुफ्त दिया जाएगा। वहीं अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति परिवार 35 किलो गेहूं मुफ्त मुहैया करवाया जाएगा।
वितरण में गड़बड़ियों की शिकायतें, विभाग सतर्क
हालांकि, राशन वितरण प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कुछ डिपो होल्डरों और विभाग के कर्मचारियों पर आरोप हैं कि वे अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलने वाले गेहूं में कटौती कर रहे हैं। इस संदर्भ में सख्ती बरतने के निर्देश भी विभाग ने जारी किए हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, पश्चिमी सर्कल के कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा ने जानकारी दी कि विभाग लुधियाना जिले के अंतर्गत आने वाले सभी 1602 राशन डिपो तक शीघ्रता से गेहूं पहुंचाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य है कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से मुफ्त गेहूं उपलब्ध कराया जाए।
इस योजना की सफलता तभी संभव है जब वितरण प्रणाली पारदर्शी और सख्त निगरानी के अधीन हो। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राशन वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करें। विभाग का दावा है कि दोषी पाए जाने वाले डिपो होल्डरों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस योजना के अंतर्गत समय पर और निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लाखों ज़रूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके।
