प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में 7200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया। इन योजनाओं में रेलवे, सड़क, मत्स्य पालन, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास शामिल हैं, जिनका उद्देश्य राज्य की बुनियादी सुविधाओं को मजबूती देना है।
रेलवे नेटवर्क को मिला बड़ा बूस्ट
पीएम मोदी ने इस मौके पर चार नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें राजेंद्र नगर (पटना) से नई दिल्ली, बापूधाम मोतिहारी से आनंद विहार (दिल्ली), दरभंगा से गोमती नगर (लखनऊ) और मालदा टाउन से गोमती नगर के बीच चलाई जाएंगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें समस्तीपुर-बछवाड़ा सेक्शन में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम और दरभंगा-थलवाड़ा तथा समस्तीपुर-रामभद्रपुर रेल लाइनों का दोहरीकरण शामिल है।
रेल सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए पीएम ने भटनी-छपरा ग्रामीण रूट पर ट्रैक्शन सिस्टम अपग्रेडेशन, पाटलिपुत्र में वंदे भारत ट्रेनों के रख-रखाव के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट और दरभंगा-नरकटियागंज रेललाइन के दोहरीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स की नींव भी रखी।
सड़क कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री ने NH-319 पर आरा बाईपास के 4-लेनिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी, जो आरा-मोहनिया और पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने का काम करेगा। इसके साथ ही उन्होंने पिरिया से मोहनिया खंड और सरवन से चकाई तक दो-लेन सड़क मार्ग का भी उद्घाटन किया, जिससे बिहार-झारखंड के बीच आवागमन और मजबूत होगा।
डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिला बढ़ावा
पीएम मोदी ने दरभंगा में एक नया सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) सेंटर और पटना में STPI इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। ये केंद्र आईटी और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करेंगे, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
ग्रामीण विकास को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत कई मछली पालन प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की गई। इसके अलावा, उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत करीब 61,500 स्वयं सहायता समूहों को 400 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी। महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को इन समूहों से जोड़ा गया है।
आवास योजना में बड़ी राहत
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उन्होंने 12,000 लाभार्थियों को गृह प्रवेश की चाबियां सौंपीं और 40,000 अन्य को 160 करोड़ रुपये की राशि जारी की।
इन सभी योजनाओं का उद्देश्य न केवल बिहार के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है, बल्कि रोजगार, आवास, परिवहन और तकनीकी प्रगति के जरिए आम जनता के जीवन को आसान बनाना है।
