शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में निवेशकों को तगड़ा झटका लगा, जब सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन घरेलू सूचकांक भारी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 501.51 अंक या 0.61% की गिरावट के साथ 81,757.73 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 143.05 अंक या 0.57% की गिरावट के साथ 24,968.40 के स्तर पर आ गया।
इस गिरावट की मुख्य वजहें एक्सिस बैंक के कमजोर तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा की गई बिकवाली और बैंकिंग सेक्टर पर दबाव रहीं।
सुबह से ही बाज़ार में दिखी कमजोरी
सुबह करीब 10:45 बजे सेंसेक्स 566.77 अंक टूटकर 81,692.47 तक लुढ़क गया था। उसी समय निफ्टी भी 166.45 अंक गिरकर 24,945 के आसपास कारोबार कर रहा था। यह ट्रेंड दिनभर बना रहा और अंतिम घंटों तक भी रिकवरी देखने को नहीं मिली।
एक्सिस बैंक की रिपोर्ट बनी गिरावट की वजह
एक्सिस बैंक के तिमाही नतीजों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। FY26 की पहली तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 5,806 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 6,035 करोड़ रुपये था — यानी 4% की गिरावट। इसके चलते एक्सिस बैंक के शेयरों में 6.4% तक की गिरावट देखी गई।
कमज़ोर प्रदर्शन ने न केवल एक्सिस बैंक को प्रभावित किया, बल्कि पूरे बैंकिंग सेक्टर पर दबाव बना दिया।
सेंसेक्स के अन्य प्रमुख लूज़र और गेनर
सेंसेक्स के 30 स्टॉक्स में से 23 में गिरावट दर्ज की गई। गिरने वाले प्रमुख स्टॉक्स में थे:
-
एक्सिस बैंक
-
भारती एयरटेल
-
कोटक महिंद्रा बैंक
-
सन फार्मा
-
ईटर्नल
वहीं कुछ शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई, जिनमें शामिल थे:
-
एम एंड एम
-
टाटा स्टील
-
पावर ग्रिड
-
एल एंड टी
-
इंफोसिस
सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में
निफ्टी के प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में भी कमजोरी रही:
-
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, फार्मा और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.2% से 1.1% तक की गिरावट दर्ज की गई।
-
हालांकि, निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में थोड़ी बहुत बढ़त देखने को मिली, जो बाज़ार में मिली-जुली धारणा का संकेत देता है।
ग्लोबल संकेत पॉज़िटिव, लेकिन घरेलू बाज़ार ने किया नजरअंदाज
वैश्विक स्तर पर बाज़ार में सकारात्मक संकेत थे। अमेरिका में बेहतर रिटेल सेल्स और बेरोज़गारी आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं को कम किया है। S&P 500 और नैस्डैक जैसे इंडेक्सों ने गुरुवार को रिकॉर्ड स्तर छू लिए थे।
एशिया में भी बाज़ार का रुख सकारात्मक रहा — जापान को छोड़कर MSCI एशिया-पैसिफिक इंडेक्स 0.7% ऊपर रहा।
FIIs की बिकवाली ने मारी सेंसेक्स-निफ्टी को चोट
इस साल की शुरुआत में FIIs ने तीन महीने लगातार बिकवाली की थी, उसके बाद तीन महीने उन्होंने खरीदारी की, लेकिन जुलाई में एक बार फिर वे बिकवाली मोड में लौट आए हैं।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय संकेत सकारात्मक बने हुए हैं, लेकिन घरेलू कारकों जैसे बैंकिंग सेक्टर की कमजोरी, FIIs की बिकवाली और मिक्स्ड कॉर्पोरेट नतीजों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। आने वाले सप्ताह में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बाज़ार इस झटके से उबर पाएगा या गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा।
