पंजाब सरकार ने राज्य को हरियाली से भरपूर और स्वच्छ वातावरण देने की दिशा में एक नई और सराहनीय पहल की है। वन एवं वन्य जीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने वीरवार को एक विशेष पायलट प्रोजेक्ट का ऐलान किया, जिसके अंतर्गत राज्य के पांच जिलों में हाईवे के दोनों ओर फूलों वाले पौधे लगाए जाएंगे। यह पहल न केवल राज्य के पर्यावरण को संवारने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि इससे रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
पांच ज़िलों में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
प्रारंभिक चरण में यह पायलट प्रोजेक्ट पंजाब के पाँच जिलों – रोपड़ (विशेषकर श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र), शहीद भगत सिंह नगर (खटकड़ कलां क्षेत्र), संगरूर, पठानकोट और अमृतसर में लागू किया जाएगा। योजना के अंतर्गत, हाईवे के दाएं-बाएं दोनों ओर 500 मीटर की दूरी तक 5, 6 और 7 फीट ऊंचे फूलों वाले पौधे लगाए जाएंगे। इस कार्य की निगरानी और मूल्यांकन एक राज्य स्तरीय विशेष समिति करेगी, जो समय-समय पर इसकी समीक्षा भी करेगी।
रखरखाव और सुरक्षा के भी पूरे इंतज़ाम
मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि पौधों की देखरेख और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, इन पौधों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए चारों ओर बाड़बंदी की जाएगी। सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि लगाए गए पौधों का सही ढंग से विकास हो और वे लंबे समय तक जीवित रहें।
मनरेगा मज़दूरों को मिलेगा लाभ
इस पर्यावरण प्रोजेक्ट के माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्य कर रहे मज़दूरों को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि यह योजना सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि ग्रामीण आबादी के लिए आर्थिक सहारा भी प्रदान करेगी।
पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाएगी नई पीढ़ी
इस अवसर पर मंत्री ने एक और अहम पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई को प्रख्यात कवि शिव कुमार बटालवी के जन्मदिवस के मौके पर बटाला से एक विशेष प्रतियोगिता श्रृंखला की शुरुआत होगी। यह प्रतियोगिताएं स्कूली बच्चों और कॉलेज विद्यार्थियों को पेड़ों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से आयोजित की जाएंगी।
इन प्रतियोगिताओं को चार श्रेणियों में बांटा गया है – प्राइमरी (1-5वीं कक्षा), सेकेंडरी (6-10वीं), सीनियर सेकेंडरी (11-12वीं) और कॉलेज स्तर। एक महीने तक चलने वाली यह प्रतियोगिताएं भाषण और कविता पाठ के रूप में होंगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सशक्त कदम
यह पहल दर्शाती है कि पंजाब सरकार पर्यावरण सुरक्षा को केवल कागज़ी घोषणाओं तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि धरातल पर प्रभावशाली काम कर रही है। इससे ना केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि लोगों में जागरूकता और ज़िम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।
