मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज धूरी में एक बार फिर लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए यह स्पष्ट किया कि यह योजना पूरी तरह से स्वैच्छिक है और इसमें किसी ज़मीन मालिक पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा।
धूरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 75 ग्राम पंचायतों को 31 करोड़ रुपये के चेक विभिन्न विकास कार्यों के लिए सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने खुलकर लैंड पूलिंग नीति पर बात की और लोगों को अफवाहों से सतर्क रहने को कहा।
“रजिस्ट्री पर कोई रोक नहीं, ज़मीन का मालिक ही रहेगा मालिक”
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी दल लैंड पूलिंग को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। वे झूठ फैला रहे हैं कि जिस स्थान पर लैंड पूलिंग की अधिसूचना जारी हो जाएगी, वहाँ रजिस्ट्री पर रोक लग जाएगी, जबकि ऐसा कोई नियम नहीं है। उन्होंने कहा:
“ज़मीन मालिक अपनी मर्ज़ी से रजिस्ट्री कर सकता है, बेच सकता है या रख सकता है — सरकार कोई रोक नहीं लगा रही।”
“झूठा प्रचार इसलिए क्योंकि अवैध कॉलोनियों का कारोबार बंद होने जा रहा”
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि इस पॉलिसी के कारण गैर-कानूनी कॉलोनियों का धंधा करने वाले परेशान हैं। उन्होंने कहा:
“विरोधी इसलिए हल्ला कर रहे हैं क्योंकि हमारा विकास का रास्ता उनकी अवैध कमाई के रास्ते को बंद कर रहा है।”
“खेती जारी रख सकते हैं, मिलेगा सालाना 50 हजार किराया”
मान ने कहा कि जिन लोगों की ज़मीन लैंड पूलिंग में जाएगी, वे जब तक कॉलोनी विकसित नहीं होती, खेती जारी रख सकते हैं। सरकार उन्हें सालाना ₹50,000 का किराया देगी और इस रकम को बढ़ाकर ₹70,000 करने पर भी विचार चल रहा है।
“किसी ज़मीन मालिक को नहीं होगा घाटा”
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस योजना से किसी भी ज़मीन मालिक को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी को कोई शंका हो, तो वह सीधे सरकार को लिख सकता है और सरकार उसका जवाब भी देगी।
“हम किसानों और ज़मीन मालिकों के साथ हैं, और उन्हें विकास का भागीदार बनाएंगे।”
“विकास की नींव है विश्वास, झूठ से नहीं हक़ से बनता है नया पंजाब”
CM मान ने लोगों से अपील की कि वे झूठे प्रचार में न आएं और विकास के इस नए मॉडल का हिस्सा बनें, जिससे पंजाब का भविष्य स्वच्छ, नियोजित और समृद्ध हो।
