पंजाब को नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने के लिए चल रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा के लिए आज मुख्यमंत्री के निर्देश पर महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में एक राज्य स्तरीय कानून एवं व्यवस्था बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी रेंज डीआईजी, एसएसपी, और कमिश्नर ऑफ पुलिस (CPs) ने भाग लिया।
बड़ी उपस्थिति, बड़ा एजेंडा
बैठक की अध्यक्षता स्पेशल डीजीपी (कानून व्यवस्था) ने की। इसके अलावा स्पेशल डीजीपी (इंटेलिजेंस), एडीजीपी (एएनटीएफ), एडीजीपी (एजीटीएफ) और एडीजीपी (काउंटर इंटेलिजेंस) ने भी भाग लिया और अधिकारियों को ड्रग तस्करी के नए ट्रेंड्स, पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद, संगठित अपराध और राज्य की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मसलों पर विशेष दिशा-निर्देश दिए।
“युद्ध नशों के विरुद्ध” की बड़ी कामयाबी
बैठक में 1 मार्च 2025 से चल रहे #YudhNashianVirudh अभियान की गहन समीक्षा की गई। अब तक:
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13,665 एफआईआर दर्ज की गईं
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18,424 गिरफ्तारियां की गईं
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900 किलो हेरोइन, 332 किलो अफीम, 13 किलो चरस, 6 किलो आइस ड्रग और ₹11.5 करोड़ की ड्रग मनी जब्त की गई
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162 संपत्तियां कानून के तहत ध्वस्त की गईं
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90% सजा दर (conviction rate) के साथ मामलों को अंजाम तक पहुंचाया गया
यह आकंड़े साबित करते हैं कि पंजाब पुलिस केवल कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि परिणाम भी दे रही है।
संगठित अपराध और आतंकवाद पर भी शिकंजा
बैठक में यह भी बताया गया कि सभी प्रमुख गैंगस्टर मामलों का पता लगा लिया गया है, और 100% आतंकवादी मामलों को सुलझाया जा चुका है। यह पंजाब पुलिस की तेज़, निष्पक्ष और रणनीतिक कार्रवाई का परिणाम है।
रोकथाम और सहभागिता
स्पेशल डीजीपी ने अधिकारियों को केवल सख्ती ही नहीं, बल्कि समुदाय-आधारित रोकथाम रणनीतियों पर भी ज़ोर देने को कहा। युवाओं को जागरूक करना, परिवारों को जोड़ना और समाज को हिस्सेदार बनाना ही स्थायी समाधान है।
बैठक के अंत में अधिकारियों से अपील की गई कि वे ईमानदारी, समर्पण और सतर्कता के साथ अपने कार्यों को अंजाम दें। पंजाब को नशामुक्त, अपराधमुक्त और सुरक्षित बनाना हम सभी का साझा लक्ष्य है। पुलिस का यह अभियान सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि आशा और बदलाव की कहानी बन चुका है।
