पंजाब के भिंडर फार्म के पास स्थित गिलवाली गांव में नकली देसी घी बनाने वाली एक फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की फूड विंग की टीम ने यह कार्रवाई की, जिसकी अगुवाई सहायक फूड कमिश्नर रजिंदर पाल सिंह ने की। इस छापेमारी के दौरान टीम को 368 किलो नकली घी और 330 किलो बंसपती व रिफाइंड तेल मिला, जिसे मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा था।
फैक्ट्री “जी.के. फूड ट्रेडिंग कंपनी” के नाम पर चलाई जा रही थी। अधिकारियों ने वहां से कुल 4 सैंपल – 2 घी, 1 रिफाइंड तेल और 1 बंसपती – जब्त कर जांच के लिए सरकारी लैब भेज दिए हैं।
छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति पंकज कुमार, जो कि फैक्ट्री में काम करता था, को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि फैक्ट्री का मालिक बिक्रमजीत सिंह मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
सहायक फूड कमिश्नर रजिंदर पाल सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, फूड सेफ्टी कमिश्नर दिलराज सिंह (IAS), और डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी के निर्देशों पर की गई। फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह छापा मारा।
उन्होंने कहा कि नकली घी में मिलावट के लिए बंसपती और रिफाइंड तेल का इस्तेमाल हो रहा था, जो लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने यह भी साफ किया कि मिलावटखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि सरकार मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है और ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
