पंजाब सरकार का “जीवनजोत-2” प्रोजेक्ट का दिख रहा असर, प्रशासन की मुहिम सफल
पंजाब सरकार द्वारा बाल मजदूरी और बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए शुरू किए गए जीवनजोत-2 प्रोजेक्ट ने गुरदासपुर जिले में कुछ ही दिनों में प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेष टीमों की सख्ती के चलते अब सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षा मांगते बच्चे अचानक नज़र आना बंद हो गए हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर छापेमारी, नहीं मिले भिक्षा मांगते बच्चे
गुरदासपुर के बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थलों पर टीमों द्वारा नियमित छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पहले दिन जब कुछ बच्चों को पकड़ा गया और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई, तब से लेकर अब तक किसी भी शहर या इलाके में भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे दिखाई नहीं दिए हैं।
पहले दिन 9 बच्चे पकड़े गए, तीन भेजे गए चिल्ड्रन होम
अभियान की शुरुआत के दिन, ग़ुरदासपुर शहर में 9 बच्चों को पकड़ा गया था। इनमें से 6 बच्चे भिक्षा मांग रहे थे, जबकि 3 बच्चे सामान बेचते पकड़े गए। छह बच्चों के माता-पिता स्थानीय निकले, जिनके पहचान पत्र जांचने के बाद बच्चों को उन्हें सौंप दिया गया। परंतु तीन बच्चों में से एक नेपाल से और दो उत्तर प्रदेश से संबंधित थे, जो कि यहां अपने माता-पिता के बिना रह रहे थे और दो ठेकेदारों द्वारा बाल मजदूरी करवाई जा रही थी। पुलिस ने इन ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर बच्चों को चिल्ड्रन होम भेज दिया।
डीएनए टेस्ट की भी हो रही तैयारी
सरकार ने आदेश दिए हैं कि जिन बच्चों की पृष्ठभूमि संदिग्ध हो या जिनके माता-पिता मौजूद न हों, उनके डीएनए टेस्ट कराए जाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों से गैरकानूनी तरीके से मजदूरी या भिक्षा न करवाई जा रही हो। जिला प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग इस दिशा में लगातार कदम उठा रहे हैं।
डीसी की सख्त हिदायतें, ढील नहीं बरती जाएगी
गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी के मामलों में कोई कोताही न बरती जाए। खास तौर पर ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो अपने माता-पिता के बिना किसी अन्य व्यक्ति के साथ रह रहे हों।
प्रशासन की कार्रवाई से भागे भिक्षा मांगने वाले बच्चे
बच्चों के अचानक गायब हो जाने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। बाल सुरक्षा अधिकारी सुनील जोशी ने जानकारी दी कि प्रशासन की सख्ती और लगातार रेड से भिक्षा माफिया में हड़कंप मच गया है। अब रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और धार्मिक स्थलों पर भी नियमित जांच की जा रही है।
अभियान रहेगा जारी, किसी को नहीं दी जाएगी छूट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी ये विशेष जांच अभियान जारी रहेगा। ग़ुरदासपुर जिले में किसी भी रूप में बाल मजदूरी या भिक्षावृत्ति को सहन नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
