प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई को इंग्लैंड की यात्रा के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से मुलाकात की। इस अहम बैठक के बाद भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते को दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
99% भारतीय उत्पादों पर खत्म होगी इंपोर्ट ड्यूटी
FTA के अंतर्गत 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर ब्रिटेन में इंपोर्ट ड्यूटी समाप्त कर दी जाएगी, जिससे भारतीय सामान की कीमतें ब्रिटिश बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक होंगी। यह विशेष रूप से भारतीय कपड़ा, ऑटोमोबाइल, फार्मा और आईटी सेक्टर के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
लुधियाना के कपड़ा उद्योग को मिलेगा संजीवनी असर
इस समझौते का सीधा असर पंजाब के लुधियाना स्थित कपड़ा उद्योग पर देखने को मिलेगा। लुधियाना के कई छोटे और मध्यम उद्योग अब ब्रिटेन को ड्यूटी-फ्री निर्यात कर पाएंगे, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और ऑर्डर में इज़ाफा होगा। इससे न केवल निर्यात में बढ़ोतरी होगी बल्कि रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उद्योगपतियों में दिखा उत्साह
लुधियाना के निर्यातकों और उद्योगपतियों ने इस समझौते का स्वागत किया है। उनका मानना है कि पहले भारी इंपोर्ट ड्यूटी के कारण जो MSMEs ब्रिटिश बाजार में टिक नहीं पा रही थीं, अब उन्हें एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिलेगा।
2030 तक भारतीय कपड़ों की हिस्सेदारी में जबरदस्त बढ़ोतरी की उम्मीद
आंकड़ों के मुताबिक, भारत सरकार को उम्मीद है कि यह समझौता 2030 तक ब्रिटेन को भारतीय कपड़ों के निर्यात में 30 से 45 प्रतिशत की वृद्धि करेगा। अनुमान है कि भारतीय वस्त्रों की हिस्सेदारी ब्रिटिश मार्केट में 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
सरकार का लक्ष्य: यूरोपीय बाजारों के लिए खोले नए रास्ते
भारत सरकार की कोशिश यह भी है कि यह FTA लंबे समय से अटके हुए व्यापारिक अवरोधों को दूर करे और भारतीय उत्पादों के लिए यूरोप में नए अवसर प्रदान करे। इस दिशा में यह समझौता एक मजबूत कदम साबित हो सकता है।
लुधियाना में दिखी सकारात्मक प्रतिक्रिया
FTA के ऐलान के बाद लुधियाना के व्यापारिक हलकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। सभी की नजरें अब इस समझौते के जल्द से जल्द लागू होने पर टिकी हैं, ताकि उद्योगों को वास्तविक लाभ मिल सके और पंजाब की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को एक नया बल मिले।
