पंजाब सरकार के मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री अकाल तख़्त साहिब द्वारा तलब किए जाने पर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि “धੰਨ-धੰਨ बंदी छोड़ श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के सजे सच्चे तख्त श्री अकाल तख़्त साहिब के आगे हर सिख का सिर आदर से झुकता है।” बैंस ने खुद को एक “निमाणा सिख” बताते हुए कहा कि वे रूम-रूम से श्री अकाल तख़्त साहिब को समर्पित हैं।
कश्मीर में हुआ था शहीदी दिवस का विशेष आयोजन
बैंस ने जानकारी दी कि हाल ही में भाषा विभाग पंजाब द्वारा श्रीनगर में नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के शहीदी दिवस को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस समारोह में देशभर से बुद्धिजीवी और विद्वान पहुंचे थे, जिन्होंने गुरु साहिब के जीवन, बलिदान और मानवता को समर्पित उनके संदेश पर गुरमत दृष्टिकोण से विचार साझा किए।
धार्मिक गायक बीर सिंह हुए थे शामिल
इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध पंजाबी गायक बीर सिंह को भी आमंत्रित किया गया था। मंत्री बैंस ने स्पष्ट किया कि बीर सिंह एक गुरसिख गायक हैं, जिनके अधिकतर गीत धार्मिक होते हैं। वे पहले भी श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की पवित्र रचना “सलोक महला 9” को अपनी आवाज़ में प्रस्तुत कर चुके हैं। इसी धार्मिक पृष्ठभूमि और योगदान को देखते हुए उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल किया गया था।
समाज और धर्म के बीच संतुलन बनाने की कोशिश
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि आयोजन पूरी श्रद्धा और धार्मिक मर्यादा के साथ किया गया था। उनका उद्देश्य केवल गुरु साहिब की शिक्षाओं को आम लोगों तक पहुंचाना था, और किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना उनका इरादा नहीं था।
अब नजरें अकाल तख़्त साहिब की प्रतिक्रिया पर
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि श्री अकाल तख़्त साहिब द्वारा इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल, मंत्री बैंस ने अपने स्तर पर स्पष्टीकरण देते हुए अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी पूर्ण आस्था और सम्मान प्रकट कर दिया है।
