पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर जोरदार हमला बोला है। भगवंत मान ने कैप्टन अमरिंदर पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उन्हें ड्रग्स तस्करों के मानवाधिकारों की चिंता सताने लगी है, लेकिन जब उनके कार्यकाल में युवा नशे की चपेट में आकर तड़प-तड़प कर मर रहे थे, तब वे महफिलों में व्यस्त थे।
मानवाधिकारों की आड़ में तस्करों का बचाव—मान
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को अब ड्रग तस्करों के मानवाधिकारों की याद कैसे आ गई, जब उनके शासनकाल में नशे की वजह से पंजाब के कई घर उजड़ गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कैप्टन और उनके परिवार के पास सत्ता रहते हुए भी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गुटका साहिब की सौगंध पर उठाए सवाल
भगवंत मान ने यह भी याद दिलाया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले गुटका साहिब जी की सौगंध खाकर कहा था कि वे नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे। अब जब वही लोग आरोपों की जद में आ रहे हैं, तो वह इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पूरा पंजाब भाजपा और कैप्टन के दोहरे रवैये को पहचान चुका है।
भाजपा पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने भाजपा को भी नहीं छोड़ा और कहा कि पार्टी अब कैप्टन के बयान को उनका व्यक्तिगत विचार बताकर खुद को अलग दिखाने की कोशिश करेगी। लेकिन पंजाब की जनता जानती है कि किसने नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ी और किसने इसे नजरअंदाज़ किया।
कैप्टन ने मजीठिया मामले को बताया था राजनीतिक प्रतिशोध
गौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में एक ट्वीट में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ हुई कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था और इसकी निंदा की थी। इसके जवाब में पंजाब सरकार ने अब सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ऐसे बयान पंजाब के हितों के खिलाफ हैं और तस्करों को बचाने की कोशिश मानी जाएंगी।
पंजाब सरकार ने दोहरे रवैये पर जताई नाराज़गी
सरकार का कहना है कि इस तरह के बयानों से नशे के खिलाफ उनकी मुहिम कमजोर नहीं होगी, बल्कि और तेज़ होगी। भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि जो भी नशे के कारोबार में शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे वह किसी भी दल या पद से जुड़ा हो।
