रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की लहरों ने भारी तबाही मचाई है। यह क्षेत्र प्रशांत महासागर से सटा हुआ है और प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। 8.8 तीव्रता वाले इस भूकंप के बाद अमेरिका, जापान, फ्रेंच पोलिनेशिया और अन्य प्रशांत देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
नूकू हिवा में 4 मीटर ऊंची लहरों की चेतावनी
फ्रेंच पोलिनेशिया के नूकू हिवा द्वीप पर अधिकारियों ने संभावित लहरों की ऊंचाई को 7.2 फीट (2.2 मीटर) से बढ़ाकर 13 फीट (4 मीटर) कर दिया है। चेतावनी में कहा गया है कि लहरें स्थानीय समयानुसार सुबह 1 बजे के बाद किसी भी समय पहुंच सकती हैं। यह द्वीप मारकिसास द्वीपसमूह का सबसे बड़ा हिस्सा है, जो प्रशांत महासागर में स्थित है।
अन्य द्वीपों पर भी लहरों की संभावना
ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, मारकिसास द्वीपसमूह के अन्य हिस्सों पर 0.6 से 0.9 मीटर ऊंची लहरें दर्ज की जा सकती हैं। उआ हूका और हिवा ओआ द्वीपों पर पहले 3.6 फीट (1.1 मीटर) से लेकर 7.2 फीट (2.2 मीटर) तक की लहरें आने की आशंका जताई गई थी।
अमेरिकी तटों से भी टकराईं लहरें
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में भी सुनामी की लहरें पहुंचने लगी हैं। राष्ट्रीय मौसम सेवा यूरीका के अनुसार, तटवर्ती इलाकों में लहरें दर्ज की गई हैं। सैन फ्रांसिस्को में लहरों की ऊंचाई 0.7 मीटर (2.5 फीट) तक रही, जबकि क्रेसेंट सिटी में यह 3.6 फीट (1.09 मीटर) तक दर्ज की गई है।
मछुआरों और नागरिकों को चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा है कि यह लहरें तटीय इलाकों और बंदरगाहों में तेज़ और खतरनाक धाराएं उत्पन्न कर सकती हैं। जनता से समुद्र से दूर रहने की अपील की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वाशिंगटन राज्य के ला पुष और वेस्टपोर्ट में भी लहरों की गतिविधि दर्ज की जा रही है।
इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल
विशेषज्ञों के अनुसार, कामचटका में आया यह भूकंप 1900 के बाद रिकॉर्ड किए गए छठे सबसे शक्तिशाली भूकंप में से एक है। इससे अधिक तीव्रता का भूकंप 1960 में चिली के वाल्दिविया में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 थी।
जापान में आंशिक राहत, लेकिन खतरा बना हुआ है
जापान की मौसम एजेंसी ने कांतों से वाकायामा तक के क्षेत्रों में सुनामी चेतावनी को घटाकर सलाह (Advisory) में तब्दील कर दिया है। हालांकि, होक्काइदो और तोहोकू के कुछ हिस्सों में खतरे का स्तर अभी भी बना हुआ है।
लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
अधिकारियों का कहना है कि तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों को ऊंचाई वाले स्थानों या सुरक्षित इमारतों में शरण लेनी चाहिए। अनुमान है कि सुनामी की स्थिति कम से कम 24 घंटे तक बनी रह सकती है।
प्रशांत क्षेत्र में अलर्ट की स्थिति
इस शक्तिशाली भूकंप के बाद प्रशांत क्षेत्र के अधिकांश देशों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। राहत और बचाव एजेंसियों को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
