लगातार हो रही तेज़ बारिश की वजह से रणजीत सागर डैम झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन के अनुसार पानी का स्तर अब 527 मीटर तक पहुंच चुका है, जो कि खतरे का निशान माना जाता है। इस स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज़ से तुरंत कदम उठाए गए हैं।
सातों गेट खोलकर छोड़ा जा रहा है पानी
डैम प्रबंधन ने बताया कि बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए सभी सातों स्पिलवे गेट खोल दिए गए हैं। इन गेटों से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी सीधा रावी नदी की ओर छोड़ा जा रहा है। इससे डैम पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी और संभावित खतरे को टाला जा सकेगा।
बिजली उत्पादन भी जारी
जानकारी के मुताबिक, डैम के चारों पावर यूनिट इस समय पूरी क्षमता से चलाए जा रहे हैं। इनसे बिजली का उत्पादन भी किया जा रहा है, जिससे बढ़ते पानी का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया जलस्तर को संतुलित रखने के साथ-साथ क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बनाए रखने में सहायक साबित हो रही है।
रावी नदी में बढ़ा जलस्तर
स्पिलवे गेट खुलने के बाद रावी नदी में पानी का बहाव तेज़ी से बढ़ गया है। नदी किनारे बसे इलाकों और निचले क्षेत्रों में जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी जारी की है कि लोग फिलहाल नदी किनारे और निचले इलाकों की ओर न जाएं।
लोगों को बरतनी होगी सतर्कता
डैम के कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि जैसे ही पानी 527 मीटर के खतरे के निशान पर पहुंचा, गेट खोलना अनिवार्य हो गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाना ज़रूरी था। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने दी चेतावनी
प्रशासन का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पानी का स्तर और भी बढ़ सकता है। लोगों को सजग रहने, सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
