गिलको ग्रुप ऑफ कंपनीज के एम.डी. और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए नेता रणजीत सिंह गिल के घर विजिलेंस की छापेमारी को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जाखड़ साहब को सरकार की मंशा या उस पर विश्वास की बात बाद में करनी चाहिए, पहले उन्हें यह देखना चाहिए कि रणजीत सिंह गिल ने आधी रात को हरियाणा के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चुपचाप भाजपा में क्यों शामिल होना चुना।
भाजपा में शामिल होने की शैली पर उठाए सवाल
अमन अरोड़ा ने गिल के भाजपा में शामिल होने के तरीके को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तस्वीरें देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि रणजीत गिल को पंजाब की भाजपा लीडरशिप पर भरोसा नहीं रहा, इसी कारण उन्होंने किसी भी पंजाब के नेता को बिना विश्वास में लिए, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इससे साफ है कि उनके पास अपनी मंशा छुपाने के कारण थे।
सुनील जाखड़ की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
सुनील जाखड़ ने एक ट्वीट में विजिलेंस रेड की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यह सरकार के अहंकार को दर्शाता है। उनका आरोप था कि सरकार यह बर्दाश्त नहीं कर पा रही कि कोई बिल्डर अपनी इच्छा से राजनीतिक राह बदल ले। इसके जवाब में अरोड़ा ने कहा कि यह छापेमारी कानून के दायरे में हुई है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
रणजीत गिल की राजनीतिक पारी में नया मोड़
गौरतलब है कि रणजीत सिंह गिल हाल ही में शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कहकर भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को पत्र लिखकर पार्टी से अलग होने की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में भाजपा जॉइन की थी, जिसको लेकर अब पंजाब की राजनीति में घमासान छिड़ गया है।
रणजीत सिंह गिल के घर पड़ी विजिलेंस रेड ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
