पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर नंबर 22, दिनांक 25 जून 2025 की जांच को आगे बढ़ाते हुए शनिवार, 2 अगस्त 2025 को गिलको डिवेलपर्स से जुड़ी तीन अलग-अलग संपत्तियों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई एसएएस नगर स्थित फ्लाइंग स्क्वाड पुलिस स्टेशन के अंतर्गत की गई।
संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा
विजिलेंस ब्यूरो ने छापेमारी के दौरान गिलको डिवेलपर्स और बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़ी इकाइयों के बीच हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता लगाया है। इन लेन-देन को लेकर जांच एजेंसी को पहले ही कुछ इनपुट मिले थे, जिन्हें ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई।
चंडीगढ़ और पंजाब में की गई कार्रवाई
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि यह छापेमारी पंजाब और चंडीगढ़ में की गई। प्रवक्ता के अनुसार, मजीठिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद गिलको डिवेलपर्स और कुछ अन्य संस्थाओं के बीच वित्तीय लेन-देन की गंभीरता से जांच की गई थी, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया।
कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त हुए दस्तावेज और उपकरण
प्रवक्ता ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य साक्ष्य ज़ब्त किए गए हैं। इनमें कुछ ऐसे दस्तावेज भी हैं, जो नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह सभी कार्रवाइयाँ पूरी तरह से कानून के तहत और नियमानुसार की गई हैं।
तलाशी अभी भी जारी, आगे की जांच में जुटी टीम
विजिलेंस ब्यूरो का कहना है कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है और ज़ब्त किए गए दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इससे संबंधित और अधिक जानकारी आने वाले दिनों में सामने लाई जाएगी। टीम इस पूरे मामले को निष्पक्ष तरीके से और तथ्यों के आधार पर जांचने के लिए प्रतिबद्ध है।इस तलाशी अभियान से साफ है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े मामलों की जांच को गंभीरता से ले रहा है। आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे संभव हैं, जिन पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
