पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की जनता को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए रविवार को घोषणा की कि प्रदेश में 200 और आम आदमी क्लीनिक शुरू किए जाएंगे। इस घोषणा के साथ ही राज्य में इन क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1081 हो जाएगी।
व्हाट्सऐप चैटबॉट से जुड़े क्लीनिक
टैगोर थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 881 आम आदमी क्लीनिकों को व्हाट्सऐप चैटबॉट से जोड़ने की शुरुआत की। इस तकनीकी सुविधा के ज़रिए अब मरीज अपनी दवाओं, जांच रिपोर्टों और डॉक्टर की पर्चियों की जानकारी सीधे मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं में आ रहा विश्वास
मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल 565 आम आदमी क्लीनिक ग्रामीण और 316 शहरी क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जहां प्रतिदिन औसतन 70,000 मरीज इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संख्या यह दर्शाती है कि जनता का सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
महिलाएं और बुजुर्ग बन रहे लाभार्थी
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इन क्लीनिकों में सबसे अधिक मरीज महिलाएं हैं, उसके बाद बुजुर्गों की संख्या है। कारण स्पष्ट है – अब उन्हें अपने घर के पास ही मुफ्त और गुणवत्ता वाला इलाज मिलने लगा है।

डिजिटल हेल्थ सुविधा से होगा व्यापक लाभ
व्हाट्सऐप चैटबॉट सुविधा को एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे मरीजों को पर्चियां संभालने की ज़रूरत नहीं रहेगी और समय पर दवा लेने, जांच कराने और डॉक्टर से मिलने की रिमाइंडर भी मोबाइल पर मिलती रहेगी। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी यह सेवा विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी।
कुत्ते के काटने पर अब मिलेगा त्वरित इलाज
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब आम आदमी क्लीनिकों में कुत्ते के काटने पर एंटी-रेबीज़ वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। पहले यह इलाज महंगा होता था और कई बार स्थानीय स्तर पर इसकी सुविधा नहीं होती थी। अब सरकार इसके सारे खर्च वहन करेगी।
10 लाख तक का मुफ्त इलाज योजना
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य सरकार प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य होगा जहां इतनी बड़ी सीमा तक हर नागरिक को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।
राज्य को मेडिकल हब बनाने की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि कपूरथला, होशियारपुर, संगरूर और नवांशहर में चार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दी गई है, जिससे पंजाब मेडिकल शिक्षा का केंद्र बनेगा।

मुफ्त बिजली और शिक्षा में सुधार की मिसाल
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 90% घरों के बिजली बिल अब शून्य आ रहे हैं। इसके अलावा सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हुआ है और कई छात्र निजी स्कूलों से हटकर सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं। इस वर्ष 208 सरकारी स्कूल छात्रों ने जेईई एडवांस और 800 से अधिक ने नीट परीक्षा पास की है।
सड़क सुरक्षा बल ने बचाई सैकड़ों जानें
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) की सराहना करते हुए कहा कि इसके गठन के बाद सड़क हादसों में 48% की कमी आई है। यह बल 144 आधुनिक वाहनों और विशेष रूप से प्रशिक्षित स्टाफ से लैस है।
डब्ल्यूएचओ से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम से अपील की कि वे पंजाब के आम आदमी क्लीनिकों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर अपने सुझाव साझा करें ताकि सेवाओं में और सुधार लाया जा सके।
कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, स्वास्थ्य सचिव कुमार राहुल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
