झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन का आज निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शिबू सोरेन को आदिवासी समुदाय की आवाज़ और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला प्रमुख चेहरा माना जाता है।
सीएम भगवंत मान ने जताया गहरा दुख
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन जी के निधन की खबर बेहद दुखद है। उनके परिवार और चाहने वालों के साथ अपनी संवेदनाएं साझा करता हूं।” मुख्यमंत्री मान ने उन्हें एक ऐसा नेता बताया जिन्होंने आदिवासियों के जल, जंगल, ज़मीन और संवैधानिक अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
संघर्षशील जीवन को बताया अविस्मरणीय
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संदेश में लिखा कि शिबू सोरेन का जीवन और उनका संघर्ष हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और इस कठिन समय में उनके परिवार को साहस दे।
आदिवासी राजनीति को दी नई दिशा
शिबू सोरेन को ‘गुरुजी’ के नाम से भी जाना जाता था। उन्होंने आदिवासी राजनीति को एक नई पहचान और दिशा दी। उनका योगदान झारखंड राज्य के निर्माण और वहां की जनआंदोलन की राजनीति में मील का पत्थर रहा है। उनका जाना देश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है।
