6 लेन एक्सप्रेसवे से मिलेगी बड़ी राहत
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने ज़ीरकपुर-पंचकूला बाईपास प्रोजेक्ट के निर्माण पर 1878.31 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के तहत कुल 19.2 किलोमीटर लंबा और 6 लेन का एक्सप्रेस बाईपास तैयार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
ज़ीरकपुर से पंचकूला तक सीधी कनेक्टिविटी
यह नया बाईपास ज़ीरकपुर से शुरू होकर पंचकूला तक पहुंचेगा, जो चंडीमंदिर के पास से होकर गुजरेगा। इस रूट के बनने से ज़ीरकपुर, बलटाना, ढकोली, हाउसिंग बोर्ड चौक और कालका चौक जैसे इलाकों में ट्रैफिक की भीड़ कम होगी। इसके अलावा, सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण
ट्रैफिक जाम कम होने से जहां लोगों को समय की बचत होगी, वहीं ईंधन की भी बचत होगी और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह बाईपास उन वाहनों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो पटियाला, दिल्ली या मोहाली एयरपोर्ट की ओर से हिमाचल की ओर जा रहे हैं, क्योंकि अब उन्हें शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा।
टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल्द होगा निर्माण
NHAI ने इस प्रोजेक्ट का टेंडर भी जारी कर दिया है, जो 20 अगस्त को खोला जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने इस परियोजना को अंतिम मंज़ूरी दी थी।
हाइब्रिड एन्युटी मोड में बनेगा बाईपास
यह बाईपास प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मोड (Hybrid Annuity Mode – HAM) में बनाया जाएगा। इस पूरी योजना को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-0) के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। बाईपास ज़ीरकपुर-पटियाला हाईवे (NH-7) से शुरू होकर ज़ीरकपुर-परवाणू हाईवे (NH-5) तक फैलेगा।
ट्रैफिक लोड में आएगी भारी कमी
नया मार्ग ज़ीरकपुर और पंचकूला के घनी आबादी वाले और ट्रैफिक से प्रभावित इलाकों को बाईपास करेगा। इससे ट्रैफिक का दबाव बड़े स्तर पर कम होगा और लोगों को सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह प्रोजेक्ट पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना के रूप में उभर कर सामने आया है।
