पंजाब सरकार के आदेशों के तहत डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने अमृतसर जिले के विभिन्न रजिस्ट्रेशन दफ्तरों में तैनात 44 कर्मचारियों के तबादले कर दिए हैं। यह कार्रवाई उन निर्देशों के बाद की गई है, जिनमें भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लंबे समय से तैनात रजिस्ट्रेशन क्लर्कों को बदले जाने की बात कही गई थी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
प्रशासन की ओर से यह साफ किया गया कि यह कदम रजिस्ट्रेशन विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए उठाया गया है। जिन कर्मचारियों को पिछले कई वर्षों से एक ही पद या जगह पर तैनात किया गया था, उन्हें अब हटाकर नए और अपेक्षाकृत कम कार्यकाल वाले कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कुछ विवादित चेहरों की पोस्टिंग पर उठे सवाल
हालांकि, इस तबादले प्रक्रिया पर सवाल भी उठने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ दागी कर्मचारियों को फिर से अहम पदों पर नियुक्त किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर शंका जाहिर की जा रही है। इससे प्रशासन की नीयत पर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
तबादले की सूची में कई अहम नाम शामिल हैं। पूजा लखनपाल को असला ब्रांच से आरसी कार्यालय, अमृतसर-1, गुरप्रीत कौर को नकल ब्रांच से असला ब्रांच, और करमजीत सिंह को एमए ऑफिस से सब-रजिस्ट्रार अमृतसर-1 में भेजा गया है। इसके अलावा, रवनीत सिंह, मनप्रीत कौर, अमनदीप सिंह, रोहित अरोड़ा, सुखराज कौर, प्रियंका खुराना और मनप्रीत सिंह सहित कई अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है।
सरकार की मंशा, जनता को मिले निष्पक्ष सेवाएं
पंजाब सरकार की यह कोशिश है कि रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर काबू पाते हुए, आम जनता को तेज़, पारदर्शी और ईमानदार सेवाएं दी जाएं। उम्मीद है कि नव-नियुक्त कर्मचारी इस विश्वास पर खरा उतरेंगे और जनहित में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
