आज यानी 8 अगस्त को शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारी गिरावट दर्ज की गई। विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने और अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित किया। सेंसेक्स 765.47 अंक यानी 0.95% टूटकर 79,857.79 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 232.85 अंक यानी 0.95% गिरकर 24,363.30 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के केवल 5 स्टॉक्स में रही तेजी
सेंसेक्स के 30 स्टॉक्स में से सिर्फ 5 कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जबकि 25 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। घाटे में रहने वाले प्रमुख स्टॉक्स में भारती एयरटेल, इंफोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ईटर्नल (पहले जोमैटो), एक्सिस बैंक और HDFC बैंक शामिल रहे। वहीं, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों में खरीदारी दर्ज की गई, जिससे इन स्टॉक्स में तेजी रही।
बैंकिंग सेक्टर में भी दिखी कमजोरी
बैंक निफ्टी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग इंडेक्स 516 अंक टूटकर 55,004 के स्तर पर बंद हुआ। इससे स्पष्ट है कि बैंकिंग सेक्टर पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का गहरा असर पड़ा है।
ग्लोबल मार्केट का मिला-जुला असर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी भारतीय बाजार को कोई खास सहारा नहीं मिला। एशियाई बाजारों में शंघाई एसएसई कंपोजिट और जापान का निक्केई 225 बढ़त में रहे, लेकिन हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी नुकसान में बंद हुए। वहीं, अमेरिकी बाजार गुरुवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे।
क्रूड ऑयल और विदेशी निवेशकों की भूमिका
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में भी गिरावट देखने को मिली। यह 0.69% लुढ़क कर $66.42 प्रति बैरल पर आ गया। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बाजार से दूरी बनाई। गुरुवार को उन्होंने कुल 4,997.19 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने उसी दिन 10,864.04 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बीते दिन रहा था बाजार में सुधार
गुरुवार को बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई थी, लेकिन अंत में बाजार ने वापसी की थी। सेंसेक्स 79 अंकों की बढ़त के साथ 80,623 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 22 अंक चढ़कर 24,596 पर बंद हुआ था। परंतु आज की गिरावट ने बीते दिन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
निवेशकों को सलाह
वर्तमान बाजार स्थिति में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इसलिए निवेश को लेकर सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।
