अमेरिका के मोंटाना राज्य में कैलीस्पेल सिटी एयरपोर्ट पर रविवार को दो विमानों की टक्कर के बाद भीषण आग लग गई। हादसे के बाद हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि इसमें कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटना उस समय हुई जब एक छोटा विमान लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट पर खड़े एक अन्य विमान से टकरा गया।
लैंडिंग के दौरान हुई टक्कर
दोपहर करीब 2 बजे एक सिंगल-इंजन सोकाटा TBM 700 टर्बोप्रॉप विमान, जिसमें चार लोग सवार थे, कैलीस्पेल सिटी एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान विमान ने रनवे पर खड़े एक अन्य विमान को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि लैंडिंग करते विमान में आग लग गई और देखते ही देखते आसपास धुआं फैल गया।
चश्मदीदों ने बताई घटना की तस्वीर
चश्मदीदों ने बताया कि विमान रनवे के अंत तक आते-आते नियंत्रण खो बैठा और खड़े विमान से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद आग भड़क गई, लेकिन पायलट और तीनों यात्री समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे। दो यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जिनका इलाज मौके पर ही किया गया। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि हादसे के बाद इलाके में काले धुएं का गुबार छा गया था और दूर से आग की लपटें दिखाई दे रही थीं।
तेज रफ्तार में फैली आग पर काबू
हादसे के बाद एयरपोर्ट के दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग पर काबू पाया। यदि आग तेजी से फैलती तो खड़े अन्य विमानों को भी नुकसान पहुंच सकता था। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लैंडिंग के दौरान विमान कैसे नियंत्रण खो बैठा।
अमेरिका में विमान हादसों की कड़ी
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही अमेरिका में एक और विमान हादसा हुआ था। उत्तरी एरिज़ोना में एक मेडिकल ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे के बाद विमान में आग लग गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। यह विमान न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क स्थित CSI एविएशन कंपनी का था और एक मरीज़ को लेने के लिए अस्पताल जा रहा था। यह दुर्घटना फ्लैगस्टाफ से करीब 321 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में चिनले एयरपोर्ट के पास हुई थी। विमान में मौजूद सभी लोग मेडिकल स्टाफ के सदस्य थे।
जांच जारी
कैलीस्पेल सिटी एयरपोर्ट हादसे की जांच विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता एयरपोर्ट संचालन को सामान्य करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट और यात्रियों के सुरक्षित होने को बड़ी राहत माना जा रहा है।
