पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने किसानों के विरोध के बाद लैंड पुलिंग पॉलिसी को वापस लेने का फैसला किया है। यह कदम सरकार के किसान-हितैषी रुख को दर्शाता है, जिसमें जनता की राय और हित को प्राथमिकता दी जाती है।
“किसानों को पसंद नहीं, तो पॉलिसी नहीं”
हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट कहा कि आम आदमी पार्टी किसानों की हितैषी पार्टी है और यदि कोई नीति किसानों को स्वीकार्य नहीं है, तो उसे तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लैंड पुलिंग पॉलिसी किसानों के विकास के लिए बनाई गई थी, लेकिन किसानों की आपत्ति को देखते हुए इसे वापस लेना सही निर्णय है।
मुख्यमंत्री का किसानों से जुड़ाव
वित्त मंत्री ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद किसान परिवार से आते हैं, इसीलिए वे किसानों की समस्याओं को नजदीक से समझते हैं। पिछले तीन वर्षों में सरकार ने नहरी पानी को किसानों के अंतिम खेत तक पहुंचाने और बिजली आपूर्ति को रात की बजाय दिन में उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
जनता की आवाज को महत्व
चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार जनता की आवाज को सबसे ऊपर रखती है और आने वाले समय में भी किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले किसानों और संबंधित वर्गों से राय ली जाएगी। पॉलिसी वापस लेने का यह कदम दिखाता है कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के सुझाव और हित को ध्यान में रखकर उन्हें लागू भी करती है।
सरकार की सकारात्मक छवि
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सरकार की सकारात्मक और संवेदनशील छवि को मजबूत करता है। यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार केवल विकास की बातें नहीं करती, बल्कि जनता के साथ मिलकर आगे बढ़ने पर विश्वास रखती है। किसानों के लिए यह निर्णय एक भरोसेमंद संदेश है कि उनकी राय सुनी जाएगी और सम्मान दिया जाएगा।
