मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आदेशों के बाद, स्वतंत्रता दिवस 2025 को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने पुलिस बल को मौजूदा सुरक्षा हालात के बारे में जानकारी दी और आतंकवाद-रोधी रणनीतियों पर विशेष चर्चा की।
अंतर-जिला तालमेल और हाई-लेवल नाके
डीजीपी ने निर्देश दिए कि किसी भी कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए जिलों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए। सभी संवेदनशील इलाकों में उच्च स्तरीय नाके लगाए जाएं और 24 घंटे निगरानी की जाए। अमृतसर, जालंधर और लुधियाना के पुलिस कमिश्नरों समेत सरहदी, जालंधर, लुधियाना और रोपड़ रेंज के अफसरों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया गया।
नशा और गैंगस्टर विरोधी अभियान की समीक्षा
बैठक में डीजीपी ने पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने जिले के पुलिस प्रमुखों को एनडीपीएस एक्ट को सख्ती, पारदर्शिता और बिना समझौते के लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, नशा तस्करी के वित्तीय पहलुओं की जांच और हवाला संचालकों पर कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का आह्वान किया।
स्वतंत्रता दिवस से पहले चौकसी बढ़ाने के आदेश
डीजीपी गौरव यादव ने सभी पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, डोमिनेशन ऑपरेशन तेज किए जाएं और रोकथाम एवं खुफिया उपायों को बढ़ाया जाए। उन्होंने रात में नियमित गश्त और चेकिंग करने के महत्व पर जोर दिया।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा
पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया गया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों, हॉटस्पॉट्स और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया जाए। जिलों में पुलिस नाकों की संख्या बढ़ाकर लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों से सीधा संवाद
आउटरीच सत्र के तहत डीजीपी ने स्टेशन हाउस ऑफिसर्स (SHOs) और अन्य अधिकारियों से सीधे बातचीत की। इसमें अंतर-जिला सहयोग बढ़ाने, ड्रग सप्लाई चेन तोड़ने और क्षेत्रीय सूचनाओं के आदान-प्रदान पर खुली चर्चा हुई।
उच्च स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी
इस समीक्षा बैठक में जालंधर रेंज सीपी धनप्रीत कौर, अमृतसर सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर, लुधियाना सीपी स्वप्न शर्मा, डीआईजी जालंधर नवीनीत सिंगला, डीआईजी रोपड़ हरचरण सिंह भुल्लर, डीआईजी बॉर्डर नानक सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न जिलों के एसएसपी और अन्य पुलिस कर्मी भी इस रणनीतिक बैठक का हिस्सा बने।
इस व्यापक समीक्षा और सख्त सुरक्षा व्यवस्था का मकसद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंजाब में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था को कायम रखना है। साथ ही, यह पहल नशा और संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति को भी मजबूत करती है।
