केंद्र सरकार ने मंगलवार को देश के तीन राज्यों — ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश — में 4,594 करोड़ रुपये के कुल निवेश से चार सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट लगाने को मंजूरी दे दी। यह फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, जिसकी जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।
‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत मंजूरी
मंत्री ने बताया कि इन सभी परियोजनाओं को ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत स्वीकृति मिली है। इस मिशन का उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता देना है। इसके लिए सरकार ने कुल 76,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, ताकि भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
ओडिशा में दो बड़े प्रोजेक्ट
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में सिलिकॉन कार्बाइड सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिस पर SISem प्राइवेट लिमिटेड 2,066 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
इसके अलावा, ओडिशा में ही एक 3D ग्लास मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा, जिसकी लागत 1,943 करोड़ रुपये होगी। इस प्रोजेक्ट में अमेरिकी टेक कंपनियां — इंटेल और लॉकहीड मार्टिन समेत अन्य — भी निवेश करेंगी।
आंध्र प्रदेश में चिप पैकेजिंग प्लांट
कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश में एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के 468 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाले चिप पैकेजिंग प्लांट को भी मंजूरी दी है। यह प्लांट उन्नत चिप पैकेजिंग तकनीक के जरिए भारत की सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।
पंजाब में मिलेगा सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट
पंजाब के लिए भी अच्छी खबर है। यहां सीडीयूएल (CDIL) द्वारा 117 करोड़ रुपये के निवेश से एक सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के उत्पादन को बढ़ावा देगा और पंजाब को तकनीकी निवेश के नए मानचित्र पर लाएगा।
निवेश से तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर कदम
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि इन परियोजनाओं से भारत की तकनीकी क्षमताओं में बड़ा सुधार होगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में आयात पर निर्भरता घटेगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
