नाभा के पास स्थित गांव कलसाणा के सरपंच सरदार गुरध्यान सिंह को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले में आयोजित समारोह में प्रवेश से रोकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सरपंच को कथित तौर पर इसलिए रोका गया क्योंकि वे श्री साहिब (किरपान) लेकर जा रहे थे।
BJP प्रवक्ता आर.पी. सिंह की नाराज़गी
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने एसीपी शशिकांत गौड़ के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई और इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
आर.पी. सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बलवंत सिंह बनाम राजस्थान राज्य (2006) मामले में यह स्पष्ट किया था कि सिखों को किरपान धारण करने का अधिकार है। ऐसे में सरपंच को रोकना न केवल सिख समाज का अपमान है बल्कि यह पुलिस की लापरवाही और अपने कर्तव्य से चूक के समान है।
संयुक्त आयुक्त ने जताया खेद
संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा ने इस पूरे प्रकरण पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने सरपंच गुरध्यान सिंह से वीडियो कॉल पर बातचीत कर घटना के लिए माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच करवाई जाएगी। साथ ही उन्होंने सरपंच को व्यक्तिगत मुलाकात के लिए भी आमंत्रित किया।
सिख समुदाय के अधिकारों की रक्षा जरूरी
आर.पी. सिंह ने दिल्ली पुलिस के इस जवाबदेह रुख का स्वागत किया, लेकिन जोर देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है।
