पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पूरे राज्य की सड़कों का सर्वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वीडियोग्राफी से कराया। 3,369 सड़कों की जांच में 843 सड़कें सही हालत में पाई गईं। इन पर पिछली सरकारें करोड़ों खर्च कर चुकी थीं। इस बार ₹383 करोड़ बचाकर जनता की भलाई में लगाने का रास्ता साफ हुआ।
जेलों और पुलिसिंग में हाई-टेक बदलाव
सरकार ने जेलों में 252 करोड़ की ओवरहॉलिंग शुरू की है। यहां 5G जैमर, AI कैमरे और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। पुलिसिंग और टैक्स सिस्टम में भी पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है।
ड्राइविंग लाइसेंस में अब दलाली नहीं
ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में दलाली और सिफारिश की जगह अब HAMS तकनीक लागू हो गई है। हर उम्मीदवार की परीक्षा रिकॉर्ड होती है और नतीजे पूरी तरह निष्पक्ष रहते हैं।
शिक्षा में सबसे बड़ा निवेश
पंजाब सरकार 10,000 शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दे रही है। ये शिक्षक लाखों छात्रों को स्कूली स्तर पर AI शिक्षा देंगे। अब पंजाब का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला बनेगा।
खेती और भाषा में भी तकनीकी क्रांति
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में AI कोर्स शुरू हो चुके हैं, ताकि खेती से जुड़े परिवार भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा पा सकें। इसके साथ ही सरकार पंजाबी भाषा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में इंटीग्रेट करने पर काम कर रही है। इससे मातृभाषा को नई पहचान मिलेगी और युवाओं को डिजिटल दुनिया में नए अवसर मिलेंगे।
सोच में आया बड़ा बदलाव
पंजाब का विकास अब केवल सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं है। यह उस तकनीक तक पहुंच है जो हर नागरिक का जीवन आसान बनाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की पहल ने दिखा दिया है कि ईमानदारी और आधुनिक सोच से जनता का पैसा भी सुरक्षित रहता है और भविष्य भी उज्ज्वल होता है।
