जालंधर में आयोजित बैठक के दौरान उद्योगपतियों ने पंजाब के उद्योग और बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा से गुहार लगाई कि उद्योग से जुड़े नियमों को आसान बनाया जाए। उनका कहना था कि केवल घोषणाएँ करने से उद्योग का ढांचा मजबूत नहीं होगा, बल्कि सरकार को ज़मीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे।
उद्योगपतियों ने साझा किए सुझाव
इस बैठक में उद्योग जगत से जुड़े कई नामी उद्यमी जैसे सुरेश शर्मा, अश्वनी कुमार बब्बू, गुरशरण सिंह, सुनील शर्मा, सुधर्शन शर्मा, बलराम कपूर और गौतम कपूर समेत कई अन्य उपस्थित रहे। सभी ने अपनी समस्याओं और सुझावों को मंत्री के सामने रखा।
कैबिनेट मंत्री का बड़ा ऐलान
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजीव अरोड़ा ने उद्योगपतियों को राहत देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की 30-40 साल पुरानी मांगों को पूरा किया जा रहा है। पंजाब सरकार ने OTS (वन टाइम सेटलमेंट) और छोटे प्लॉटों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया और फोकल प्वाइंट्स में हर 2-3 महीने बाद प्लॉटों की नीलामी जारी रहेगी।
1.14 लाख करोड़ का निवेश
मंत्री अरोड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश लेकर आई है। उद्योगों से जुड़ी 85% समस्याओं का समाधान कर दिया गया है, जबकि बाकी 10-15% भी जल्द हल कर दिया जाएगा। PSI के सभी प्लॉटों को अपग्रेड करने का काम जारी है।
नई नीतियां भी होंगी लागू
सरकार ने घोषणा की है कि भविष्य की नीतियां उद्योग जगत की राय के आधार पर ही बनाई जाएंगी। नई नीति के तहत पुलिस स्टेशन, जनरल क्लिनिक और फायर ब्रिगेड के लिए भी मुफ्त प्लॉट दिए जाएंगे। इसके अलावा इंडस्ट्री से जुड़े परमिट्स को तेज़ी से निपटाने का वादा किया गया है।
परमिशन में देरी नहीं होगी
मंत्री ने कहा कि यदि 45 दिन के भीतर किसी उद्योग को अनुमति नहीं मिलती है तो उसे जल्द ही अप्रूव कर दिया जाएगा। कोशिश है कि ज़्यादातर आवेदन 5-7 दिनों में ही प्रोसेस किए जाएं। PSPCL से जुड़े मामलों में देरी को भी कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार-उद्योग साथ मिलकर करेंगे काम
संजीव अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार उद्योगपतियों के सुझावों के आधार पर नीतियां बनाएगी। हर इंडस्ट्रियल कमेटी की जिम्मेदारी एक ADC को सौंपी गई है और सभी चेयरमैन से सुझाव मांगे गए हैं। उनका कहना था – “भविष्य की हर नीति वही होगी, जो उद्योग जगत चाहेगा।”
