पंजाब पुलिस ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया है जिसने आम जनता को चौंका दिया है। पुलिस के मुताबिक, राज्य के कई इलाक़ों में बीजेपी समर्थित कैंपों के ज़रिए लोगों को सरकारी काम करवाने का लालच दिया जा रहा था। इन कैंपों में बैठकर न केवल मोटा कमीशन वसूला जा रहा था बल्कि लोगों का निजी पर्सनल डेटा भी इकट्ठा किया जा रहा था।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें पिछले कई हफ़्तों से बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही थीं। नागरिकों ने बताया कि “सेवा कैंप” के नाम पर उन्हें सरकारी काम कराने का वादा किया गया और बदले में पैसे वसूले गए। कई जगहों से यह भी सामने आया कि आधार कार्ड, पैन नंबर और बैंक संबंधी जानकारी कैंपों में माँगी गई, जिसके बाद पीड़ित लोग साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए।
डेटा फ्रॉड का बड़ा खतरा
डिजिटल युग में पर्सनल डेटा की अहमियत किसी संपत्ति से कम नहीं है। पंजाब पुलिस ने चेतावनी दी कि जैसे ही किसी का बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर या आधार जानकारी गलत हाथों में जाती है, अपराधी आसानी से फर्जी ट्रांज़ैक्शन कर सकते हैं। कई शिकायतों में यह पाया गया कि लोगों के बैंक खातों से पैसे निकाल लिए गए या उनके नाम पर नकली लेन-देन किए गए।
पुलिस की सख़्त चेतावनी
इस पूरे मामले पर पंजाब पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी लोग इस तरह के गैरकानूनी कामों में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख़्त कार्रवाई होगी। कमीशन वसूलना और निजी डेटा इकट्ठा करना दोनों ही गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। साथ ही, पुलिस ने राजनीतिक दलों और संगठनों को भी चेतावनी दी कि वे ऐसे कैंप चलाने से तुरंत बाज़ आएं।
जनता को सावधान रहने की अपील
पंजाब पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी निजी कैंप में जाकर अपने सरकारी काम न करवाएँ। इसके लिए राज्य सरकार पहले से ही सेवा केंद्र (Sewa Kendras) चला रही है, जहाँ सभी सरकारी सुविधाएँ पूरी तरह मुफ़्त उपलब्ध हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी तरह का कमीशन या रिश्वत देने की ज़रूरत नहीं है।
ग़ैरक़ानूनी कैंप की तुरंत सूचना दें
पुलिस ने यह भी कहा है कि अगर कहीं भी इस तरह के ग़ैरक़ानूनी कैंप लगते दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत नज़दीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन पर दें। समय रहते जानकारी देने से अपराधियों पर काबू पाया जा सकता है और जनता को नुकसान से बचाया जा सकता है।
