चंडीगढ़ में हर साल होने वाली फैंसी नंबरों की नीलामी इस बार सुर्खियों में रही। इस साल का 0001 नंबर इतना महंगा बिका कि उसकी कीमत में एक टोयोटा फॉर्च्यूनर या तीन महिंद्रा थार गाड़ियाँ खरीदी जा सकती हैं। यह नंबर रिकॉर्ड तोड़ 36.43 लाख रुपये में नीलाम हुआ।
सिर्फ 7 नंबरों से आई 1.28 करोड़ की कमाई
रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (RLA) सेक्टर-17 ने नीलामी में केवल टॉप-7 नंबर बेचकर ही 1.28 करोड़ रुपये कमा लिए। वहीं, पूरी नीलामी से अथॉरिटी को 4 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व हासिल हुआ।
577 फैंसी नंबर हुए नीलाम
RLA ने 19 अगस्त से 22 अगस्त 2025 तक यह नीलामी आयोजित की। इसमें नई सीरीज़ CH01-DA के साथ-साथ पुरानी सीरीज़ के नंबर भी शामिल थे। चार दिन तक चली इस नीलामी में कुल 577 फैंसी नंबर नीलाम हुए और विभाग को 4.08 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई हुई।
अब तक की सबसे बड़ी कमाई
RLA अधिकारियों के मुताबिक, एक साल में हुई यह सबसे बड़ी नीलामी रही। अथॉरिटी के अधिकारी प्रद्युमन सिंह ने बताया कि इस बार की नीलामी से हुआ राजस्व अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ चुका है।
पिछले साल का रिकॉर्ड भी रहा खास
पिछले साल CH01-CW सीरीज़ की नीलामी भी चर्चा में रही थी। उस समय 0001 नंबर 16.50 लाख रुपये में बिका था, जबकि 0009 नंबर ने 10 लाख रुपये की बोली पाई थी। उस नीलामी में कुल 489 फैंसी नंबरों से विभाग ने 2.26 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था।
ई-नीलामी की प्रक्रिया
RLA के अनुसार, इस नीलामी में केवल चंडीगढ़ के लोग ही हिस्सा ले सकते हैं। इसके लिए नेशनल ट्रांसपोर्ट की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होता है। इसके बाद वेबसाइट पर उपलब्ध फैंसी नंबरों पर बोली लगाई जाती है। सबसे ऊँची बोली लगाने वाले व्यक्ति को नंबर अलॉट कर दिया जाता है। हालांकि, नंबर मिलने से पहले पूरे पैसे जमा करवाने होते हैं।
गाड़ी से ज्यादा महंगा उसका नंबर
चंडीगढ़ अपने VIP स्टेटस और लग्ज़री लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि यहाँ लोग अपनी गाड़ियों के लिए फैंसी नंबर खरीदने में पीछे नहीं रहते। कई बार तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि गाड़ी की कीमत से भी ज्यादा खर्चा सिर्फ उसके नंबर पर कर दिया जाता है।
