राजस्व बढ़ाने और वित्तीय अनुशासन मज़बूत करने की दिशा में पंजाब सरकार ने बड़ा अभियान शुरू किया है। वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि आबकारी विभाग ने पिछली सरकारों से विरासत में मिले लंबे समय से लंबित बकाए की वसूली पर ज़ोर दिया है। इसी प्रयास के तहत मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 1.85 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है।
20 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियाँ नीलाम होंगी
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने 27 संपत्तियों की नीलामी की अनुमति दे दी है, जिनकी कुल कीमत कलेक्टर रेट के हिसाब से करीब 20.31 करोड़ रुपये है। इन संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक राजस्व वसूला जा सके।
सितंबर में होगी पहली खेप की नीलामी
नीलामी प्रक्रिया के पहले चरण में श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का और मानसा ज़िलों की संपत्तियाँ शामिल हैं। हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सितंबर के शुरुआती दो हफ़्तों में 14 संपत्तियों की नीलामी तय की गई है।
4 सितंबर को मानसा और बठिंडा की संपत्तियाँ
मानसा और बठिंडा जिलों में स्थित कृषि व वाणिज्यिक/आवासीय ज़मीनें 4 सितंबर को नीलाम होंगी। इन छह संपत्तियों की कीमत लगभग 5.4 करोड़ रुपये आंकी गई है। सरकार को उम्मीद है कि इनसे अच्छी बोली लगेगी और लंबित बकाया वसूली में मदद मिलेगी।
8 और 11 सितंबर को मुक्तसर व फाजिल्का की नीलामी
वित्त मंत्री ने बताया कि 8 सितंबर को श्री मुक्तसर साहिब में स्थित चार कृषि संपत्तियाँ नीलाम होंगी, जिनकी कीमत 4.89 करोड़ रुपये है। वहीं, 11 सितंबर को श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का की चार और संपत्तियाँ नीलाम की जाएँगी, जिनकी अनुमानित कीमत 1.99 करोड़ रुपये है।
सितंबर अंत तक आठ और संपत्तियाँ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल शुरुआती चरण है। सितंबर के अंत तक आठ और संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। चीमा ने कहा कि सरकार इस वित्तीय वर्ष में ही 67 लंबित मामलों से पर्याप्त राजस्व वसूली का लक्ष्य लेकर चल रही है।
पिछली सरकारों पर हमला
हरपाल सिंह चीमा ने इस मौके पर पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन सरकारों के समय बकाया बढ़ता गया और वित्तीय जवाबदेही की अनदेखी की गई। इसके उलट, मौजूदा सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लाइसेंस फीस की समय पर वसूली सुनिश्चित की है, जिससे नए बकाए की गुंजाइश नहीं बचती।
पारदर्शिता और जनविश्वास की पुष्टि
वित्त मंत्री ने कहा कि यह अभियान पंजाब की वित्तीय सेहत मज़बूत करने की दिशा में अहम है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही इस सरकार की प्राथमिकता है। आबकारी बकाए की वसूली न केवल रुका हुआ राजस्व अनलॉक करेगी, बल्कि लोगों का सरकार पर भरोसा भी बढ़ाएगी।
