पंजाब पुलिस ने नशा विरोधी अभियान के 177वें दिन राज्यभर में बड़ा ऑपरेशन चलाया। सोमवार को पुलिस ने 360 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की, जिसके दौरान 76 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इन गिरफ्तारीयों के बाद कुल एफ.आई.आर. की संख्या 61 दर्ज की गई। अब तक इस अभियान में कुल 27,163 नशा तस्कर पकड़े जा चुके हैं।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तस्करों के कब्जे से 525 ग्राम हेरोइन, 2,258 नशे की गोलियां और कैप्सूल, साथ ही 2,000 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। पंजाब पुलिस के विशेष डी.जी.पी. (कानून और व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि इस कार्रवाई में 73 गजटेड अधिकारियों की निगरानी में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। ये पुलिसकर्मी 120 से ज्यादा टीमों में विभाजित होकर पूरे राज्य में अभियान चला रहे थे।
पुलिस टीमों ने इस दौरान 370 संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच की। साथ ही, सोमवार को 19 लोगों को नशा छोड़ने और पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तैयार किया गया। यह कदम न केवल नशे की कड़ी रोकथाम के लिए है, बल्कि लोगों को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
विशेष डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने कहा कि राज्य में नशा तस्करी और नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उनका कहना था कि सरकार और पुलिस नशे के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति पर काम कर रही है। अभियान का मकसद केवल नशा तस्करों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखकर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना भी है।
पुलिस का यह कदम राज्यवासियों के लिए सुरक्षा का संदेश भी है। साथ ही, यह भी स्पष्ट कर रहा है कि पंजाब में नशा तस्करी और नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए सरकार गंभीर है।
इस प्रकार, राज्यभर में चल रहे इस अभियान से यह स्पष्ट हो गया है कि नशा विरोधी मुहिम केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक ठोस पहल है।
