अजनाला विधानसभा क्षेत्र से पूर्व कैबिनेट मंत्री और पंजाब के नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने सोमवार को रावी नदी के किनारे बसे गांवों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब न केवल ड्रोन के जरिए नशा और हथियार भेजने और जासूसी करने से नहीं थक रहा है, बल्कि अब नदी के किनारे उच्च स्तर के निर्माण कर रहा है। इसका असर सीधे भारत की सीमा पर पड़ रहा है।
धालीवाल ने बताया कि इस कारण रावी का पानी भारत की तरफ लौट रहा है, जिससे नदी के किनारे बसे गांवों की उपजाऊ जमीन और बी.एस.एफ. चौकियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने पड़ोसी राज्यों हरियाणा और राजस्थान से सवाल उठाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण पंजाब में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है। पड़ोसी राज्यों को पंजाब में हो रहे नुकसान के लिए अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने अजनाला क्षेत्र के घोनेवाला, दरिया मूसा, कोट रजादा, चाहरपुर जैसे गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायतों, किसानों और खेत मजदूरों से मिलकर संभावित बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा, बी.एस.एफ. चौकी कमालपुर में अधिकारियों और जवानों के साथ बैठक कर तैयारियों पर चर्चा की।
धालीवाल ने कहा कि मान सरकार पूरी तरह तैयार और प्रतिबद्ध है कि बाढ़ जैसी स्थिति में लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि बरबाद हो रही फसलों का उचित मुआवजा देने के लिए डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, ड्रेनों की सफाई, टूटे बांधों की मरम्मत और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए 276 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान और केंद्र, हरियाणा व राजस्थान की सरकारें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत रिपेरियन कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं। उनका कहना था कि हिमाचल से तेजी से आने वाले पानी से पंजाब के खेतों में फसलें तबाह हो रही हैं और उपजाऊ जमीन बह रही है।
धालीवाल ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी राज्यों को पंजाब के नुकसान का बराबर मुआवजा देना चाहिए, लेकिन अब तक पंजाब के पानी को रोकने और बाढ़ से हुए नुकसान का संतुलित समाधान नहीं निकाला गया है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वे मिलकर इस संकट से निपटें और किसानों व ग्रामीणों को सुरक्षा और मुआवजा सुनिश्चित करें।
पूर्व मंत्री के दौरे और निरीक्षण से यह स्पष्ट हो गया कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति में पंजाब सरकार पूरी सतर्क और सक्रिय है, लेकिन पड़ोसी राज्यों के सहयोग के बिना समस्या का समाधान अधूरा है।
